facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

रिसर्च के लिए निजी सेक्टर से भागीदारी करेगा ICAR

Advertisement

आईसीएआर की वेबसाइट के अनुसार इसमें 113 संस्थान व 71 कृषि विश्वविद्यालय हैं और ये देश भर में फैले हुए हैं। यह विश्व के सबसे बड़े राष्ट्रीय कृषि प्रणालियों में से एक है।

Last Updated- July 28, 2023 | 10:36 PM IST
ICAR

भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (ICAR) बीज के विकास, शोध में समन्वय और विपणन की विस्तार सेवाओं से लेकर कृषि की पूरी मूल्य श्रृंखला को निजी क्षेत्र के लिए खोलने की योजना बना रहा है।

कृषि, बागवानी, मत्स्य और पशु पालन के क्षेत्र में दिग्गज सरकारी संस्थान अपनी सेवाओं, प्रयोगशालाओं और खेतों को निजी क्षेत्र के लिए खोलने के लिए काम कर रहा है।

इस क्रम में आईसीएआर निजी उत्पादों के सहयोग से बने उत्पादों के पेटेंट पर रायल्टी साझा करना चाहेगा। ऐसा ही निजी क्षेत्र के लिए भी हो सकता है। खेती या किसी भी गतिविधि जैसे मवेशी, मत्स्य पालन और पशुपालन में समस्या की पहचान के बाद सहयोग शुरू किया जाएगा।

दो महीने में व्यापक दिशानिर्देश पेश किए जाने की योजना

आईसीएआर के महानिदेशक हिमांशु पाठक ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया कि कृषि के पूरी मूल्य श्रृंखला में निजी क्षेत्र की भागीदारी के लिए दो महीने में व्यापक दिशानिर्देश पेश किए जाने की योजना बनाई जा रही है। यह उन्होंने संस्थान के 95वें स्थापना व तकनीक दिवस के उपलक्ष्य में चुनिंदा संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा।

आईसीएआर की वेबसाइट के अनुसार इसमें 113 संस्थान व 71 कृषि विश्वविद्यालय हैं और ये देश भर में फैले हुए हैं। यह विश्व के सबसे बड़े राष्ट्रीय कृषि प्रणालियों में से एक है।

आईसीएआर ने हरित क्रांति का रास्ता प्रशस्त करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस संस्थान ने 1950-51 के बाद से शोध व तकनीकी विकास के जरिये कृषि के विकास में अहम भूमिका निभाई। इसने खाद्यान के उत्पादन, बागवानी की फसलों, मछली व अंडों का उत्पादन बढ़ाने में प्रमुख रूप से योगदान दिया।

अभी तक संस्थान और उसके संबंध संस्थानों ने विस्तार और व्यवसायीकरण के लिए निजी कंपनियों को उत्पादों और नवाचारों का लाइसेंस दिया है और कई क्षेत्रों में निजी क्षेत्र के साथ अनुबंध अनुसंधान किया है।

पाठक ने कहा, ‘इस बार हम निजी क्षेत्र से कहीं ज्यादा साझेदारी के लिए देख रहे हैं। इसमें हम अपने शोध सुविधाओं को निजी क्षेत्र के वैज्ञानिकों और कंपनियों के लिए खोलेंगे। साझा उत्पाद तैयार करेंगे और इन उत्पादों पर रॉयल्टी साझा करेंगे।’

Advertisement
First Published - July 28, 2023 | 10:36 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement