facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

शेयर बाजार: 100 अग्रणी शेयरों में 60 फीसदी निफ्टी के मुकाबले ज्यादा फिसले

Advertisement

17 अक्टूबर से निफ्टी 764 अंक यानी 3.9 फीसदी टूटा है, जिसकी वजह अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में बढ़ोतरी और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण जोखिम से दूर जाने वाला सेंटिमेंट है।

Last Updated- October 29, 2023 | 10:53 PM IST
Nifty 50

बाजार में आई हालिया गिरावट के दौरान 100 अग्रणी शेयरों में से करीब 60 फीसदी में बेंचमार्क निफ्टी-50 इंडेक्स के मुकाबले ज्यादा फिसलन दर्ज हुई।

17 अक्टूबर से निफ्टी 764 अंक यानी 3.9 फीसदी टूटा है, जिसकी वजह अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में बढ़ोतरी और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण जोखिम से दूर जाने वाला सेंटिमेंट है।

इस अवधि में 100 अग्रणी शेयरों में 10 से भी कम हरे निशान में बने रहने में कामयाब रहे, वहीं 40 फीसदी में 5-5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई।

ध्यान देने वाली बात यह है कि जिन शेयरों ने इस गिरावट में खुद को बचा पाने में कामयाब रही उनमें अदाणी पावर, बजाज ऑटो और नेस्ले इंडिया शामिल हैं। वहीं आईडीबीआई बैंक, गेल (इंडिया), मैक्रोटक डेवलपर्स (लोढ़ा) और हैवेल्स इंडिया उन शेयरों में शामिल रही जिनमें सबसे ज्यादा गिरावट आई और हर शेयर करीब 10-10 फीसदी टूटा।

वैश्विक अवरोध के अतिरिक्त वैयक्तिक कंपनियों के नतीजों ने शेयर कीमतों पर भारी असर डाला। दिलचस्प रूप से 100 अग्रणी शेयरों में करीब 75 फीसदी अपने-अपने 200 दिन के मूविंग एवरेज से ऊपर कारोबार कर रहे हैं, जो बाजार के सेंटिमेंट का अहम तकनीकी संकेतक है।

हालांकि यह आंकड़ा दो हफ्ते पहले के 90 फीसदी के मुकाबले नीचे आया है, लेकिन मौजूदा आंकड़े अनिवार्य रूप से बाजार में तीव्र मंदी के रुख का आभास नहीं देते।

एक विश्लेषक ने कहा, अगर बाजार में गिरावट जारी रहती है तो आधे से भी ज्यादा शेयर संभावित तौर पर अपने-अपने 200 दिन के मूविंग एवरेज से नीचे आ सकते हैं। यह मंदी का संकेत दे सकता है। अभी हम हालिया गिरावट को अल्पावधि की मार मान सकते हैं।

Advertisement
First Published - October 29, 2023 | 9:55 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement