facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

एशिया में NetApp का सबसे बड़ा बाजार बने भारत: सीईओ जॉर्ज कुरियन

Advertisement

फिलहाल भारत एशिया में शीर्ष तीन बाजारों में शामिल है और यह एशिया में तेजी से बढ़ते स्टोरेज बाजार में से एक है।

Last Updated- September 26, 2023 | 10:59 PM IST
NetApp

वैश्विक डेटा स्टोरेज और प्रबंधन सेवा कंपनी नेटऐप (NetApp) के वैश्विक मुख्य कार्याधिकारी जॉर्ज कुरियन चाहते हैं कि भारत एशिया में कंपनी का सबसे बड़ा बाजार बने। फिलहाल भारत एशिया में शीर्ष तीन बाजारों में शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि यह एशिया में तेजी से बढ़ते स्टोरेज बाजार में से एक है।

मुंबई में पत्रकारों के साथ एक राउंड टेबल बैठक में कुरियन ने कहा, ‘हम भारत के एक बाजार के रूप में विकसित होने को लेकर काफी आश्वस्त हैं। हम चाहते हैं कि यहां के अधिक बड़े बाजार में अपनी सेवा प्रदान करें। भारत की आबादी में उद्यमशीलता की जड़ें प्रचलित होने के कारण हमें यह भरोसा है कि भारत अन्य एशियाई बाजार को पीछे छोड़ने वाली रफ्तार बरकरार रखेगा।’

वह भारत की विकास की संभावनाओं और यहां से मिली सीख को अन्य वैश्विक क्षेत्रों तक ले जाने को लेकर भी उत्साहित दिखे।

उन्होंने कहा, ‘भारत तेजी से बढ़ने वाला देश है। यहां रणनीतिक लाभ, बड़ा जनसांख्यिकीय अवसर और शहरी आबादी है। भारत ने कारोबार के कुछ मॉडलों में नेतृत्व करने की अपनी क्षमता भी दिखाई है। हमारे लिए यह एक ऐसा बाजार है जिसका हम केवल आकार और पैमाने के कारण हिस्सा नहीं हैं बल्कि हम यहां उन चीजों को भी सीखते हैं जो यहां हो रही है और इसे अन्य क्षेत्रों में दोहराते भी हैं।’

भारत में 20 साल पूरा करने वाली नेटऐप का बेंगलूरु में सबसे बड़ा अनुसंधान एवं विकास केंद्र है। भारत में कंपनी के 3 हजार से अधिक कर्मचारी हैं। भारत में नेटऐप की वृद्धि का एक बड़ा कारण बीएफएसआई और दूरसंचार क्षेत्र के बड़े उद्यमों के साथ-साथ सरकार और उभरते छोटे और मध्यम उद्यम भी हैं।

अन्य क्षेत्रों की तुलना में इसकी सापेक्ष वृद्धि दर ने भी भारत को सबसे अलग बनाया है। उन्होंने कबा, ‘हम देखते हैं कि उभरते भूराजनीतिक परिदृश्य में भारत एक संतुलन, स्वतंत्रता और तटस्थता प्रदान करता है। भारत पर्यावरण शक्ति के मामले में अग्रणी है और हम इसे लेकर उत्साहित हैं।’

व्यापक आर्थिक रुझानों के संदर्भ में कुरियन ने कहा किया कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पिछले साल की तुलना में काफी बेहतर स्थिति में दिख रही है। कुरियन ने कहा, ‘हमने एक साल पहले जो चुनौतियां देखी थीं, वे स्थिर होने लगी हैं। हमें अमेरिका में नरमी की उम्मीद है, क्योंकि ब्याज दरों में वृद्धि धीमी हो गई है। इसके तहत व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए आईटी खर्च को प्राथमिकता दी जा रही है।’

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि दो व्यापक विषय हैं। सबसे पहले हर कंपनी एक प्रौद्योगिकी कंपनी बन रही है, जिसे डिजिटलीकरण की आवश्यकता से प्रेरित किया जा रहा है। दूसरा, डेटा डिजिटल व्यवसाय की नींव है।

उन्होंने कहा, ‘अगर आप डेटा के साथ नवीनतम रुझान को देखें जो एआई है। हर किसी के पास एआई मॉडल और बड़े भाषा मॉडल तक पहुंच होगी, जो चीज इसे विशिष्ट रूप से आपका बनाएगी वह यह है कि आप अपने व्यवसाय को बदलने में मदद के लिए इसका कैसे उपयोग करते हैं।’

जेनेरेटिव एआई के बारे में कुरियन ने कहा कि कंपनी साल 2018 से एनवीडिया जैसे पार्टनर के साथ एआई के साथ काम कर रही है। एआई उपकरण कोराबार की उत्पादकता में सुधार के साथ-साथ कुछ कारोबारी प्रक्रियाओं में तेजी लाने आदि में सहायक होते हैं। यदि एआई इसे बड़े पैमाने पर पूरा करने में सक्षम है तो यह परिवर्तनकारी हो सकता है।

उन्होंने कहा, ‘अगर एआई उत्पादक होने में सक्षम है तो इसका बहुत बड़ा प्रभाव हो सकता है। मैकिन्से के एक अध्ययन में कहा गया है कि एआई समग्र आर्थिक विकास में 7 फीसदी सुधार कर सकता है।’ उन्होंने यह भी कहा कि जेनरेटिव एआई ने सॉफ्टवेयर बनाने वाली टीमों की उत्पादकता में 20-25 फीसदी तक सुधार किया है और कार्यों को पूरा करने के लिए आवश्यक समय में 50 फीसदी तक की कमी की है।

Advertisement
First Published - September 26, 2023 | 10:41 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement