भारतीय स्टेट बैंक के चेयरमैन चल्ला श्रीनिवासुलु शेट्टी ने बुधवार को कहा कि आर्टिफिशिल इंटेलिजेंस (AI) वित्तीय बाजारों में जोखिम प्रबंधन को मजबूत करने, परिचालन दक्षता बढ़ाने और रियल-टाइम मार्केट निगरानी संभव बनाने की बड़ी क्षमता रखता है।
एआई ऐतिहासिक लेनदेन, काउंटरपार्टी व्यवहार और बाजार स्थितियों के विशाल डेटा का विश्लेषण कर डायनेमिक मैनेजमेंट, रियल-टाइम जोखिम आकलन और काउंटरपार्टी एक्सपोजर का अधिक सटीक अनुमान लगाने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि एआई और मशीन लर्निंग क्लियरिंग, सेटलमेंट और मिलान जैसे दोहराव वाले कार्यों को अपने आप कर सकता है। जिससे परिचालन लागत घटेगी और गति व सटीकता बढ़ेगी।
शेट्टी ने कहा कि इससे वित्तीय बाजार अवसंरचना संस्थान केवल लेन-देन के बाद की कार्रवाई से आगे बढ़कर ‘पूर्व-सक्रिय जोखिम प्रहरी’ बन सकते हैं, जो जोखिम का केवल प्रबंधन ही नहीं, बल्कि उसका पूर्वानुमान भी करेंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय बाजारों की वैश्विक वित्तीय परिदृश्य में बढ़ती भूमिका के साथ वैश्विक बाजार अवसंरचनाओं के साथ गहरा एकीकरण संभव है।
साथ ही डिजिटल ऐसेट, टोकनाइज्ड सिक्योरिटीज और बेहतर सीमा पार निपटान जैसे नए क्षेत्रों में नवाचार के साथ सतर्कता भी जरूरी होगी। उन्होंने आगाह किया कि वित्तीय बाजार तेजी से अधिक परस्पर जुड़े और जटिल हो रहे हैं। नए ऐसेट वर्ग उभर सकते हैं, सीमा-पार पूंजी प्रवाह बढ़ सकता है और जोखिम कम दिखाई देने वाले लेकिन अधिक प्रणालीगत रूप ले सकते हैं। ऐसे माहौल में क्लियरिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड की भूमिका और अधिक रणनीतिक हो जाएगी।