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भारत के स्किल्ड वर्कर्स की बढ़ी वैश्विक मांग, अमेरिका-फ्रांस समेत कई देशों से बड़ी बातचीत

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जिनेवा में भारत ने कई देशों के साथ कुशल श्रमिकों की आवाजाही, स्किल मान्यता और रोजगार सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।

Last Updated- June 11, 2026 | 9:07 AM IST
India pushes labour mobility, skill-recognition pacts at Geneva conference
Representative image

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने आज बताया कि जिनेवा में आयोजित अंतरराष्ट्रीय श्रम सम्मेलन (आईएलसी) के 114वें सत्र के दौरान भारत ने फ्रांस, ब्रिटेन, दक्षिण कोरिया, अमेरिका और कनाडा जैसे कई विकसित देशों के साथ कुशल श्रमिकों के लिए कानूनी तौर पर प्रवासन मार्गों का विस्तार करने और योग्यताओं को पारस्परिक मान्यता देने पर चर्चा की।

इसके अलावा, अंगोला, मॉरिशस और नेपाल जैसे देशों ने कौशल विकास, रोजगार सेवाओं और श्रम प्रशासन के मामलों में भारत के साथ सहयोग की संभावनाओं पर बातचीत की। मंत्रालय ने बताया कि भारत ने डिजिटल लेबर प्लेटफॉर्म और श्रम बल पंजीकरण प्रणालियों के बारे में अपना अनुभव साझा किया। इससे भारतीय श्रम बाजार बुनियादी ढांचे का लाभ उठाने में इन देशों की बढ़ती दिलचस्पी का पता चलता है।

मंत्रालय के अनुसार, विकसित अर्थव्यवस्थाओं के साथ बातचीत श्रम मोबिलिटी, कौशल और योग्यताओं की मान्यता, सामाजिक सुरक्षा और रोजगार सृजन पर केंद्रित है। श्रमिकों की किल्लत और जनसांख्यिकीय चुनौतियों से जूझ रही कई उन्नत अर्थव्यवस्थाओं में लगातार बढ़ रही श्रमिकों की मांग के बीच यह पहल की गई है।

इस बीच नेपाल के युवा, श्रम एवं रोजगार मंत्री रामजी यादव के साथ एक बैठक में भारत की सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) और श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने कौशल विकास, श्रमिकों की आवाजाही और श्रम प्रशासन में डिजिटल प्रौद्योगिकी के उपयोग में सहयोग पर चर्चा की। नेपाल ने भारत के डिजिटल श्रम प्लेटफॉर्मों में दिलचस्पी दिखाई जबकि दोनों पक्षों ने कार्यबल विकास एवं रोजगार संबंधी सेवाओं में सहयोग को मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया। मंत्रालय ने कहा, ‘दोनों मंत्रियों ने कौशल विकास, श्रमिकों की आवाजाही और डिजिटल प्रौद्योगिकी साझा करने जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। इस चर्चा ने दोनों देशों के श्रमिकों के लिए अवसर एवं कल्याण को बेहतर करने और लंबे समय से चले आ रहे सौहार्दपूर्ण संबंधों को और गहरा करने की साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की।’

मॉरीशस के श्रम एवं औद्योगिक संबंध मंत्री मुहम्मद रेजा कासम यूटेम के साथ हुई बातचीत में भारत ने श्रम एवं रोजगार क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा की जिसमें डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे का उपयोग भी शामिल है। मॉरीशस ने श्रम एवं रोजगार सेवाओं के लिए भारत के डिजिटल प्लेटफॉर्मों में दिलचस्पी दिखाई।

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First Published - June 11, 2026 | 9:07 AM IST

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