देश में बिजली की मांग गुरुवार को नए उच्च स्तर को छू गई। यह दिन में 3:45 पर अनुमानित स्तर 270 गीगावाट को पार कर 270.82 गीगावाट पर पहुंच गई। देश के कई हिस्सों में रिकॉर्ड उच्च तापमान और जबरदस्त गर्मी के कारण लगातार लगातार चौथे दिन बिजली की मांग शीर्ष स्तर पर रही।
इस साल मई में बिजली की मांग पिछले साल जून में दर्ज 243 गीगावाट के शिखर को पहले ही पार कर चुकी है। बीते साल मई में बिजली की मांग 231 गीगावाट थी। बुधवार को सूर्य की रोशनी के दौरान बिजली की मांग उच्चतम स्तर 265 गीगावाट पर पहुंच गई थी लेकिन शुक्रवार को बिजली की मांग बीते दिन के रिकॉर्ड के भी पार चली गई।
सेंटर फॉर सोशल ऐंड इकनॉमिक प्रोग्रेस के फेलो श्यामाशी दास ने बताया कि, ‘भारत में 2025 की गर्मी देश के ज्यादातर हिस्सों विशेष रूप से उत्तरी क्षेत्र में काफी हद तक सामान्य रही थी। इसका कारण यह है कि उत्तर भारत सहित भारत के ज्यादातर हिस्सों में बारिश की फुहार आई थीं। इस मौसम बौछारों के बाद लंबा व बारिश वाला मॉनसून आया था।’ उन्होंने कहा कि मौजूदा वर्ष में अल नीनो के कारण प्रमुख प्रचंड गर्मी की स्थिति देखी जा रही है।’
भीषण गर्मी के कारण तापमान कम करने की जरूरत बढ़ी है। लिहाजा बिजली की मांग में इजाफा हुआ है। उन्होंने बताया, ‘आने वाले कुछ हफ्तों में पारा ऊपर जा सकता है। इससे बिजली की मांग 275 गीगावाट के रिकॉर्ड स्तर के पार जा सकती है।’ दिल्ली में तापमान पहले ही 45 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका है। मौसम विभाग ने राजधानी के लिए इस सप्ताह ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।