भारत ने ओमान की खाड़ी में अपने एक पोत पर हमले की आलोचना की है। यह पोत बुधवार को हमले के बाद डूब गया था। भारत ने इसे अस्वीकार्य बताया है।
इधर ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की दो-दिवसीय बैठक के लिए ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची की मेजबानी कर रहा था, उसी दौरान बीते 28 घंटे में भारत आ रहे तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) के दो टैंकरों ने होर्मुज स्ट्रेट पार कर लिया। हालांकि, बुधवार को ओमान के तट के पास भारत के झंडे वाले एक पोत पर हमला हुआ।
भारत ने सोमालिया से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के शारजाह की यात्रा पर निकले एक भारतीय पोत हाजी अली पर हुए हमले को ‘अस्वीकार्य’ बताया। विदेश मंत्रालय ने वाणिज्यिक जहाजों और असैन्य नाविकों को लगातार निशाना बनाए जाने की घटना को लेकर चिंता जताई।
मंत्रालय ने कहा, ‘भारत इस बात को दोहराता है कि वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने और निर्दोष असैन्य चालक दल के सदस्यों को खतरे में डालने या नौवहन एवं वाणिज्य की स्वतंत्रता में बाधा डालने से बचा जाना चाहिए।’ भारत ने ओमान के अधिकारियों को बचाव कार्य के लिए धन्यवाद भी दिया। इस जहाज पर बुधवार तड़के ओमान के जल क्षेत्र में हमला हुआ, जिससे लकड़ी के पोत में आग लग गई और वह बाद में डूब गया। भारतीय अधिकारियों ने बताया कि हाजी अली पर सवार सभी 14 चालक दल के सदस्यों को ओमान तटरक्षक बल ने सुरक्षित बचा लिया है और वे ओमान के दिब्बा बंदरगाह पहुंच गए हैं जिन्हें जल्द ही भारत वापस लाया जाएगा।
होर्मुज स्ट्रेट को पार कर भारत की ओर आ रहे दो जहाजों में एलपीजी टैंकर ‘सिमी’ शामिल है जो 13 मई को वहां से गुजरा जबकि एनवी सनशाइन ने आज इस जलमार्ग को सुरक्षित पार कर लिया।
भारतीय अधिकारियों ने बताया कि 19,965 टन एलपीजी ला रहा मार्शल आइलैंड्स के ध्वज वाला जहाज सिमी 16 मई को गुजरात के कांडला पहुंच सकता है। इसी तरह 46,427 टन एलपीजी कार्गो लेकर आ रहे वियतनामी जहाज एनवी सनशाइन के 18 मई को न्यू मंगलूर पहुंचने की उम्मीद है। दोनों जहाजों पर इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन का कार्गो लदा है। मार्च की शुरुआत से अब तक भारतीय ध्वज वाले 13 जहाज ने, जिनमें 12 एलपीजी टैंकर और एक कच्चा तेल टैंकर शामिल है, होर्मुज स्ट्रेट पार किया है। पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत में रसोई गैस की कमी को देखते हुए सरकार इस क्षेत्र से एलपीजी टैंकरों की सुरक्षित आवाजाही को प्राथमिकता दे रही है। अभी खाड़ी क्षेत्र में कम से कम 12 भारतीय जहाज फंसे हुए हैं, साथ ही भारत के लिए माल लाने वाले कई विदेशी जहाज भी वहीं रुके हुए हैं।