गिफ्ट सिटी के बीमा और पुनर्बीमा प्रीमियम ढांचे में पिछले 5 वर्षों में 11 गुना से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। यह 2020 के 10.2 करोड़ डॉलर से बढ़कर 2025 तक 1.2 अरब डॉलर से अधिक हो गया है। प्रीमियम में इस बढ़ोतरी को गिफ्ट सिटी में काम कर रही बीमा और पुनर्बीमा कंपनियों की संख्या में लगातार वृद्धि से मदद मिली है। बीमा कार्यालयों की संख्या शुरुआत की 8 से बढ़कर अब 24 हो गई है।
वित्त वर्ष 26 में कई वैश्विक बीमा और पुनर्बींमा कंपनियां गिफ्ट सिटी में आईं। इनमें आलियांज, जेनराली, स्टार इंटरनैशल इंश्योरेंस, अबु धाबी नैशनल इंश्योरेंस कंपनी (एडीएनआईसी), कतर आरई, सिंगापुर आरई, दोहा आरई और लॉयड (लंदन) शामिल हैं। इनके साथ ही एचडीएफसी लाइफ आरई, मैक्स लाइफ और निवा बूपा जैसी घरेलू कंपनियां भी यहां आईं। इनकी मौजूदगी से अंडरराइटिंग क्षमता मजबूत हुई है और पूरे बाजार में मजबूती आई है।
ये नई कंपनियां पहले से ही स्थापित एक तंत्र में शामिल हो रही हैं। इनमें जीआईसी आरई, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल, टाटा एआईए, मार्श, गालाघेर और जेबी बोडा जैसी कंपनियां शामिल हैं। नई कंपनियों के आने से वैश्विक रिस्क कैरियर्स, घरेलू बीमा कंपनियों और मध्यस्थों का संतुलित और मिलाजुला तंत्र खड़ा हुआ है।
एक बयान के अनुसार, गिफ्ट सिटी के बीमा और पुनर्बीमा इकोसिस्टम का तेजी से विस्तार हुआ है। प्रीमियम का वॉल्यूम 2020 में 10.2 करोड़ डॉलर था, जो 2025 तक बढ़कर 1.2 अरब डॉलर हो गया है। यह पिछले 5 वर्षों में 11 गुना से अधिक की वृद्धि को दर्शाता है और इंटरनैशनल फाइनैंशियल सर्विसेज सेंटर (आईएफएससी) के भीतर भारत से जुड़े जोखिम अंडरराइटिंग के बड़े पैमाने पर विस्तार का संकेत देता है।
इस वृद्धि का मुख्य श्रेय गैर-जीवन बीमा और पुनर्बीमा उद्योग को जाता है, खासकर ट्रेड क्रेडिट, समुद्री और विमानन बीमा जैसे क्षेत्रों को। ये क्षेत्र सीमा-पार व्यापार, इन्फ्रास्ट्रक्चर फ़ाइनैंसिंग और लीजिंग गतिविधियों से मजबूती से जुड़े हुए हैं। बीमा अब वित्तीय लेन-देन का अभिन्न अंग बनता जा रहा है, जो जोखिम कम करने में मदद करता है और वैश्विक पूंजी की आवक को सक्षम बनाता है।
गाय कारपेंटर इंडिया (मार्श का बिजनेस) के प्रबंध निदेशक अंकुर मेहता ने कहा, प्रीमियम वॉल्यूम में मजबूत बढ़ोतरी, वैश्विक और घरेलू बीमा कंपनियों की बढ़ती भागीदारी और गिफ्ट सिटी पर बढ़ते भरोसे को दिखाती है। गिफ्ट सिटी भारत से जुड़े रिस्क अंडरराइटिंग के लिए प्लेटफॉर्म के तौर पर उभर रहा है। बड़ी वैश्विक कंपनियों के आने से अंडरराइटिंग क्षमता का विस्तार हुआ है, जिससे यह इकोसिस्टम और मजबूत हो रहा है और अब भारत के भीतर से ही ज्यादा जोखिम का प्रबंधन करना संभव हो पा रहा है।
जे.बी. बोडा ग्रुप के चेयरमैन (इंडिया और ग्लोबल) अतुल बोडा ने कहा, अंतरराष्ट्रीय पुनर्बीमा कंपनियों के लिए गिफ्ट सिटी प्लेटफॉर्म न केवल भारतीय बाजार में बल्कि आस-पास के क्षेत्रीय/वैश्विक बाजारों में भी अपना कारोबार बढ़ाने का अहम रास्ता साबित होगा। नियामकीय प्रावधानों और स्पष्टता से भविष्य में अलग-अलग इलाकों की पुनर्बीमा कंपनियों को गिफ्ट सिटी में कार्यालय खोलने का प्रोत्साहन मिलेगा।