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RBI के एक फैसले से हिल गया पेटीएम का वॉलेट कारोबार, अब आगे क्या करेगा फिनटेक दिग्गज?

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RBI द्वारा पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस रद्द किए जाने से कंपनी के वॉलेट मॉडल पर बड़ा असर पड़ा है और इसके भविष्य पर अनिश्चितता बढ़ गई है।

Last Updated- April 27, 2026 | 8:13 AM IST
Paytm's wallet sees a shake-up as RBI cancels payments bank licence
Representative image

पिछले हफ्ते भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस रद्द किए जाने से इस फिनटेक कंपनी को झटका लगा है। बैंक के जरिए अपनी लोकप्रिय डिजिटल वॉलेट सेवा को फिर से चलाने का मॉडल एक तरह से खत्म हो गया है।

उद्योग के सूत्रों ने बताया कि हालांकि कंपनी अपने वॉलेट को फिर से शुरू करने के लिए प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट (पीपीआई) लाइसेंस के लिए दोबारा आवेदन कर सकती है, लेकिन हाल के वर्षों में इस श्रेणी में वृद्धि की गुंजाइश कम हो चुकी है। इसकी वजह है कड़ी प्रतिस्पर्धा, कमाई के सीमित रास्ते तथा यूपीआई लाइट जैसे दूसरे विकल्पों का सामने आना। कंपनी ने शनिवार को कहा कि वह अपनी मर्जी से अपने भुगतान बैंक को बंद कर देगी।

कंपनी ने यह भी कहा कि लाइसेंस रद्द होने से कोई खास असर पड़ने की आशंका नहीं है, क्योंकि उसका मौजूदा कामकाज बैंक से पूरी तरह अलग होकर चलता है। पेटीएम का वॉलेट उसकी सहयोगी इकाई पेटीएम पेमेंट्स बैंक के साथ पंजीकृत था, जो इन पीपीआई को जारी करता था।

पेटीएम ब्रांड का संचालन करने वाली नोएडा की वन97 कम्युनिकेशंस अपने भुगतान बैंक पर लगे नियामकी प्रतिबंधों के संबंध में फैसले का इंतजार कर रही थी, ताकि वह अपने वॉलेट का फिर से संचालन कर सके। यह ऐसे समय में हो रहा था जब कंपनी ने वॉलेट की ‘घर वापस’ लाने की योजना बनाई थी। बैंक की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार उसके पास ‘अपने ग्राहक को जानें’ (केवाईसी) पूरी कर चुके 3.8 करोड़ वॉलेट और 8.7 करोड़ से अधिक कुल बचे हुए वॉलेट थे। वित्त वर्ष 25 तक इन सभी में संयुक्त रूप से 998.4 करोड़ रुपये की राशि जमा थी।

ब्रोकरेज फर्म एमके ने कहा कि हालांकि सहयोगी कंपनी का लाइसेंस रद्द होने के बावजूद पेटीएम पर कोई वित्तीय असर नहीं पड़ा है, लेकिन आरबीआई का संदेश काफी सख्त था।

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First Published - April 27, 2026 | 8:13 AM IST

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