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PM मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से फोन पर की बात, यूक्रेन समेत कई अहम मुद्दों पर हुई चर्चा

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PM मोदी और मेलोनी के बीच बातचीत हाल के हफ्तों में भारत-ईयू एफटीए के लिए बातचीत में तेजी आने के संदर्भ में हुई है।

Last Updated- September 11, 2025 | 8:44 AM IST
PM Modi and Giorgia Meloni

इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ टेलीफोन पर हुई बातचीत में दोहराया कि उनका देश भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (EU FTA) को जल्द से जल्द संपन्न करने का पक्षधर है। दोनों नेताओं ने भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप आर्थिक गलियारा (आईएमईईसी) पहल के तहत व्यापारिक संपर्क बढ़ाने और रूस-यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने के लिए कदम उठाने पर भी सहमति व्यक्त की।

बीते 6 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ भी टेलीफोन पर बातचीत की थी। उस समय भी दोनों नेताओं ने रूस-यूक्रेन संघर्ष समाप्त करने के हालिया प्रयासों पर विचार-विमर्श किया। रूसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन के साथ अपने तालमेल को देखते हुए यूरोपीय नेता इस बात को लेकर उत्सुक रहे हैं कि प्रधानमंत्री मोदी शांति प्रक्रिया में भूमिका निभाएं।

एक सोशल मीडिया पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हमने भारत-इटली रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने और यूक्रेन में संघर्ष को जल्द समाप्त करने के लिए प्रतिबद्धता दोहरायी।’ मोदी ने आपसी हितकारी भारत-ईयू एफटीए को संपन्न कराने के प्रयास और आईएमईईसी के माध्यम से संपर्क को बढ़ावा देने की पहल के लिए इटली की प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया। दोनों दिग्गज नेताओं ने निवेश, रक्षा, सुरक्षा, अंतरिक्ष, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और आतंकवाद का मुकाबला जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी में विकास की समीक्षा की।

मोदी और मेलोनी के बीच बातचीत हाल के हफ्तों में भारत-ईयू एफटीए के लिए बातचीत में तेजी आने के संदर्भ में हुई है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा था कि लगभग 60 प्रतिशत अध्याय पूरे हो चुके हैं और उन्हें अंतिम रूप दे दिया गया है।

पिछले एक सप्ताह में जर्मन विदेश मंत्री भारत में थे। उन्होंने इस वर्ष के अंत तक भारत-ईयू एफटीए को संपन्न करने के लिए अपने देश के समर्थन की बात कही। अंतरराष्ट्रीय व्यापार में उथल-पुथल के साथ भारत और ईयू एफटीए पर बातचीत को पूरा करने के लिए उत्सुक हैं, ताकि इसे 2026 की पहली छमाही तक मंजूरी दी जा सके। भारत-ईयू शिखर सम्मेलन 2026 की शुरुआत में भारत में आयोजित होने वाला है। ईयू व्यापार आयुक्त मारोस सेफकोविक और ईयू के कृषि आयुक्त क्रिस्टोफ हैंसन इस सप्ताह के अंत में दिल्ली आने वाले हैं। ईयू के व्यापार वार्ताकार इस सप्ताह की शुरुआत में बातचीत के 13वें दौर के लिए दिल्ली पहुंचे।

ईयू की राजनीतिक और सुरक्षा समिति (पीएससी) का 28 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी बुधवार को ही दिल्ली पहुंचा। यह 14 सितंबर तक राष्ट्रीय राजधानी में रहेगा। ईयू से जारी बयान में कहा गया है कि भारत की अपनी पहली यात्रा के दौरान पीएससी उच्च स्तरीय भारतीय सरकारी अधिकारियों, निजी क्षेत्र के रक्षा प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और प्रमुख थिंक टैंक के साथ रणनीतिक चर्चा करेगा।

यह यात्रा फरवरी में ईयू कॉलेज ऑफ कमिश्नर्स का भारत दौरा, जून में ईयू-भारत रणनीतिक संवाद का उद्घाटन और 2026 की शुरुआत में होने वाले ईयू-भारत शिखर सम्मेलन जैसी यात्राओं के मद्देनजर संबंधों को मजबूत करने का प्रयास करेगी।

विदेश मंत्रालय ने बुधवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि ईयू और भारत ने 9 सितंबर को ब्रसेल्स में आतंकवाद का मुकाबला करने पर अपने संयुक्त कार्य समूह की 15वीं बैठक आयोजित की। दोनों पक्षों ने 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की है। भारत और ईयू ने सीमा पार आतंकवाद की निंदा की और संयुक्त राष्ट्र, वैश्विक आतंकवाद निरोधक मंच और वित्तीय कार्रवाई कार्य बल में दोनों पक्षों के बीच सहयोग सहित आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई पर जोर दिया। दोनों पक्षों ने आतंकवाद के वित्तपोषण का मुकाबला करने के उपायों और उभरती प्रौद्योगिकियों के निहितार्थों पर चर्चा की।

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First Published - September 11, 2025 | 8:44 AM IST

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