बीमा उद्योग जल्द ही बीमा सुगम प्लेटफॉर्म के लिए पॉलिसियां तैयार करना शुरू कर देगा। इसकी शुरुआत मोटर और स्वास्थ्य बीमा से होगी और उसके बाद जीवन बीमा पॉलिसियां लाई जाएंगी। भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) और बीमा कंपनियों के मुख्य कार्याधिकारियों के बीच नई दिल्ली में हुई एक बैठक के बाद मंगलवार को यह फैसला किया गया।
बैठक में शामिल सूत्रों के अनुसार बीमा नियामक ने उद्योग के डेटा इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए एक पब्लिक इंश्योरेंस रिपॉजिटरी (पीआईआर) बनाने का भी प्रस्ताव रखा है। यह इंश्योरेंस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो ऑफ इंडिया (आईआईबी) का ही एक विस्तार होगा।
उम्मीद है कि वाहन बीमा पॉलिसियां जुलाई तक बीमा सुगम पर आ जाएंगी। उसके बाद अगस्त में स्वास्थ्य बीमा और सितंबर में जीवन बीमा पॉलिसियां इस प्लेटफॉर्म पर लाइव हो जाएंगी। सूत्रों ने कहा कि प्रत्येक सेग्मेंट के लिए बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों की समिति गठित की गई हैं, जो मानकीकृत पालिसियों की डिजाइन तैयार करेगी।
बैठक में शामिल एक व्यक्ति ने कहा, ‘सबसे पहले वाहन बीमा पेश होगा, उसके बाद स्वास्थ्य और फिर जीवन बीमा। मानक पॉलिसियां होंगी, लेकिन उनकी कीमत, अंडरराइटिंग और ग्राहकों के अनुभव में अंतर होगा।’
आईआईबी के एक विस्तारित रूप के तौर पर पीआईआर बनाने के प्रस्ताव का मकसद इस क्षेत्र के लिए एक व्यापक डेटा रिपॉजिटरी बनाना है। उम्मीद है कि इस कदम से दोहराव कम होगा, ऑटोमेशन बेहतर होगा और अंडरराइटिंग तथा एनालिटिक्स के लिए डेटा की गुणवत्ता बढ़ेगी।
आईआरडीएआई ने 2009 मे मौजूदा आईआईबी बनाया था, जो अभी बीमा कंपनियों से मिलने वाले आंकड़ों का विश्लेषण करता है, जिससे जोखिम का आकलन करने व धोखाधड़ी का पता लगाने में मदद मिल सके।