यूनाइटेड स्पिरिट्स (यूएसएल) की तरफ से अपनी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलूरु (आरसीबी) फ्रैंचाइजी को बेचने की योजना से शेयरधारकों को बड़ी एकमुश्त रकम मिलने का रास्ता खुल सकता है। नोमूरा का अनुमान है कि उन्हें प्रति शेयर 196 रुपये तक का विशेष लाभांश मिल सकता है।
लाभांश की उम्मीद यूएसएल के उस समझौते से जुड़ी है, जिसके तहत वह रॉयल चैलेंजर्स स्पोर्ट्स (आरसीएसपीएल) में अपनी 100 फीसदी हिस्सेदारी 16,660 करोड़ रुपये के एंटरप्राइज वैल्यूएशन पर बेचने जा रही है, जो किसी भी इंडियन प्रीमियर लीग फ्रेंचाइजी के लिए अब तक का सबसे ज्यादा मूल्यांकन है।
नोमूरा ने कहा कि अंतिम भुगतान इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी अपनी कमाई का कितना हिस्सा बांटने का फैसला करती है। अगर 100 फीसदी भुगतान किया जाता है तो प्रति शेयर लाभांश 196 रुपये होगा और अगर कंपनी कमाई का आधा हिस्सा अपने पास रखने का फैसला करती है तो प्रति शेयर लाभांश करीब 98 रुपये हो सकता है।
ब्रोकरेज ने बताया कि इस सौदे से पहले ही यूएसएल शुद्ध नकदी की स्थिति में थी, जिससे शेयरधारकों को रिटर्न देने की संभावना और मजबूत हो गई है। हालांकि कंपनी ने अभी तक कोई औपचारिक पूंजी आवंटन योजना पेश नहीं की है।
खरीदारों के इस कंसोर्टियम में आदित्य बिड़ला ग्रुप, द टाइम्स ग्रुप, बोल्ट वेंचर्स और ब्लैकस्टोन शामिल हैं। नोमूरा ने कहा कि हासिल किया गया मूल्यांकन उसके अपने अनुमान और ब्लूमबर्ग की आम राय से ज्यादा है। हालांकि यह बाजार की ज्यादा आशावादी उम्मीदों से थोड़ा कम है, जो करीब 2 अरब डॉलर के आस-पास थीं।
ब्रोकरेज ने इस सौदे को एक गैर-प्रमुख परिसंपत्ति (मुख्य कारोबार से अलग संपत्ति) के मजबूत मुद्रीकरण के तौर पर बताया है। यूएसएल में आरसीबी का वित्तीय योगदान काफ़ी सीमित रहा है यानी वित्त वर्ष 25 में यह कुल राजस्व का 2 फीसदी और एबिटा व मुनाफ़े का 9 फीसदी रहा है। इसके बावजूद, यह फ़्रैंचाइज़ी काफी चर्चा में रहने वाली संपत्ति बनी रही है।
नोमूरा ने यूएसएल पर खरीद की रेटिंग बरकरार रखी है और इसकी लक्षित कीमत 1,650 रुपये तय की है। इसके लिए उसने कंपनी के मुख्य अल्को-बेवरिज कारोबार के लिए कई सकारात्मक कारकों का हवाला दिया है।