facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Bihar: विधान सभा में छोटे दलों ने पूछे अधिक सवाल

Advertisement

नई विधान सभा की बैठकों की संख्या में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई। वर्ष 2020 में केवल 5 बैठकें हुई थीं, इसके मुकाबले 2022 में यह संख्या बढ़कर 34 पहुंच गई।

Last Updated- October 31, 2025 | 9:51 PM IST
Bihar: Patna High Court canceled the increased limit of reservation, more than 50 percent quota is still available in these states बिहार: पटना हाईकोर्ट ने आरक्षण की बढ़ी सीमा को किया रद्द, इन राज्यों में अभी भी मिलता है 50 फीसदी से ज्यादा कोटा

बिहार में आगामी 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में विधान सभा चुनाव होने हैं। इसके बाद 14 नवंबर को घोषित होने वाले परिणाम यह तय कर देंगे कि राज्य में अगली सरकार की कमान जदयू-भाजपा वाले राजग के हाथ होगी या राजद-कांग्रेस नीत महागठबंधन सत्ता संभालेगा। लेकिन नवंबर 2020 से जुलाई 2025 तक चली पिछली सरकार का कामकाज कैसा रहा इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 251 विधायकों वाली पिछली विधान सभा में लगभग 146 बैठकें हुईं।

इन बैठकों में 99 विधेयक पारित किए गए। पांच साल के पूरे कार्यकाल के दौरान विधान सभा में 1,003 प्रश्न पूछे गए। इनमें 63 प्रतिशत प्रश्न महागठबंधन के विधायकों द्वारा पूछे गए जबकि 20 प्रतिशत राजग और शेष 17 प्रतिशत अन्य दलों के सदस्यों ने उठाए।

नई विधान सभा की बैठकों की संख्या में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई। वर्ष 2020 में केवल 5 बैठकें हुई थीं, इसके मुकाबले 2022 में यह संख्या बढ़कर 34 पहुंच गई। लेकिन बाद में थोड़ी सुस्त चाल देखने को मिली और ऊपर चढ़ता ग्राफ नीचे की ओर हो गया।

नतीजतन 2024 में विधान सभा की बैठकों की संख्या घटकर 22 पर आ गई। हालांकि कार्यकाल के अंतिम वर्ष में विधान सभा में फिर अति सक्रियता देखने को मिली और 2025 के सिर्फ सात महीनों में ही 23 बैठकें हो चुकी थीं। बिहार विधान सभा में उठाए गए सभी प्रश्नों में से सबसे अधिक ग्रामीण कार्यों, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों से संबंधित उठाए गए।

Advertisement
First Published - October 31, 2025 | 9:45 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement