उबर ने कहा कि वह भारत के जेएसडब्ल्यू ग्रुप के साथ साझेदारी करेगी ताकि देश के राइड-हेलिंग बाजार के लिए खास तौर पर डिजाइन किए गए इलेक्ट्रिक वाहन विकसित किए जाएं और उन्हें इस्तेमाल किया जाए। ये कंपनियां ईवी अपनाने की रफ्तार तेज करना चाहती हैं और भारत के ‘नेट-जीरो’ यानी शून्य उत्सर्जन लक्ष्यों की दिशा में मददगार बनना चाहती हैं।
कंपनियों ने पिछले सप्ताह जेएसडब्ल्यू के मुंबई मुख्यालय में एक सहमति करार पर हस्ताक्षर किए। इसे जेएसडब्ल्यू ग्रुप के पार्थ जिंदल और उबर के मुख्य कार्याधिकारी दारा खोसरोशाही ने औपचारिक रूप दिया।
उबर इंडिया और दक्षिण एशियाई मामलों के अध्यक्ष प्रभजीत सिंह ने कहा, ‘भारत के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बदलाव के लिए टेक्नॉलजी प्लेटफॉर्म, वाहन निर्माताओं, वाहन ऑपरेटरों और इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़े लोगों के बीच मजबूत इकोसिस्टम साझेदारी की जरूरत है।’
शहरी परिवहन के लिए एक ज्यादा टिकाऊ भविष्य के लिए अपनी प्रतिबद्धता के तहत उबर भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी तक पहुंच का विस्तार करना जारी रखे हुए है। कार निर्माता कंपनियों, फ्लीट ऑपरेटरों और इकोसिस्टम से जुड़े अन्य लोगों के साथ साझेदारी के जरिये उबर का लक्ष्य अपने प्लेटफॉर्म पर कई श्रेणियों में ईवी की उपलब्धता और उन्हें अपनाने की दर को बढ़ाना है।
उबर और जेएसडब्ल्यू ग्रीन मोबिलिटी, जो जेएसडब्ल्यू ग्रुप की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी है, के बीच हुए समझौते के तहत दोनों कंपनियां ऐसे ईवी समाधान पेश करेंगी जो भारतीय बाजार की कीमत और प्रदर्शन से जुड़ी उम्मीदों के मुताबिक हों। इस साझेदारी का मुख्य फोकस ऐसे स्थानीय ईवी समाधानों को विकसित करने और उनका विस्तार करने के मौकों को तलाशना होगा, जो उबर प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग श्रेणियों में इस्तेमाल के लिए उपयुक्त हों और भारत के मोबिलिटी इकोसिस्टम की बदलती जरूरतों के अनुरूप हों।
जेएसडब्ल्यू सीमेंट और जेएसडब्ल्यू पेंट्स के प्रबंध निदेशक और जेएसडब्ल्यू डुलक्स के चेयरमैन पार्थ जिंदल ने कहा, ‘उबर प्लेटफॉर्म के बड़े पैमाने और मोबिलिटी से जुड़ी जानकारियों को जेएसडब्ल्यू की बढ़ती ऑटोमोटिव और क्लीन मोबिलिटी की महत्त्वाकांक्षाओं के साथ मिलाकर, हमें उम्मीद है कि हम भारत के जेएसडब्ल्यू इकोसिस्टम में व्यापक योगदान दे पाएंगे।’