facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

PMAY-शहरी 2.0 योजना के तहत गरीबों के आवास का सालाना लक्ष्य 350% बढ़ा

Advertisement

पीएमएवाई-यू 2.0 की बीएलसी योजना के तहत पात्र परिवारों को 2.5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता मुहैया कराई जाती है, जो आर्थिक रूप से कमजोर (ईडब्ल्यूएस) की श्रेणी में आते हैं।

Last Updated- February 05, 2026 | 10:12 AM IST
pradhanmantri awas yojna

आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने लाभार्थियों के मुताबिक होने वाले आवास निर्माण (बीएलसी) का सालाना लक्ष्य 350 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। यह मकान प्रधानमंत्री आवास योजना- शहरी (पीएमएवाई-यू 2.0) के तहत बनाए जा रहे हैं।

बजट दस्तावेजों के मुताबिक मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2026 में 1,10,000 मकान के निर्माण का लक्ष्य रखा था, जिसे वित्त वर्ष 2027 में बढ़ाकर 5,00,000 आवास कर दिया है। इस कदम से 29.3 लाख लोगों को बेहतर आवास की सुविधा मिलने की उम्मीद है।

पीएमएवाई-यू 2.0 के बजट वित्त वर्ष 2027 में बढ़ाकर 18,625 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो वित्त वर्ष 2026 के संशोधित अनुमान (आरई) में निर्धारित 7,500 करोड़ रुपये से 148 प्रतिशत अधिक है। बजट बढ़ने के बाद मंत्रालय ने अपना लक्ष्य बढ़ाया है।

पीएमएवाई-यू 2.0 की बीएलसी योजना के तहत पात्र परिवारों को 2.5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता मुहैया कराई जाती है, जो आर्थिक रूप से कमजोर (ईडब्ल्यूएस) की श्रेणी में आते हैं। यह धन उन्हें अपनी जमीन पर पक्का मकान बनाने के लिए दिया जाता है।

इस योजना के लाभार्थियों को सभी मौसम में चलने वाला पक्का मकान न्यूनतम 30 वर्गमीटर और अधिकतम 45 वर्गमीटर जमीन पर बनाना होता है। वहीं दूसरी ओर मंत्रालय ने साझेदारी में सस्ता आवास (एएचपी) के तहत 1,50,000 ईडब्ल्यूएस मकान बनाने का लक्ष्य रखा है। इस मॉडल के तहत सार्वजनिक क्षेत्र की एजेंसियों या निजी डेवलपरों द्वारा बनाई गई परियोजनाओं में आवंटित मकान की खरीद पर वाउचर के माध्यम से वित्तीय सहायता दी जाती है।

Advertisement
First Published - February 5, 2026 | 10:12 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement