तेल कंपनियों का पहली तिमाही में बढ़ सकता है मार्जिन
भारत की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) जून, 2008 में समाप्त हुई तिमाही के लिए शुध्द मुनाफे में 22 फीसदी का इजाफा घोषित कर सकती है। विश्लेषकों के एक सर्वेक्षण के अनुसार इस इजाफे के साथ तिमाही के दौरान कंपनी का शुध्द लाभ 4 हजार करोड़ रुपये हो जाएगा, जिसके पीछे […]
मधुकॉन को 989.5 करोड़ रुपये का ठेका
हैदराबाद की बुनियादी ढांचा विकास कंपनी मधुकॉन प्रोजेक्ट्स लिमिटेड ने सिम्हपुरी एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड से 989.5 करोड़ रुपये का इंजीनियरिंग, प्रोक्यूरमेंट ऐंड कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) ठेका हासिल किया है। कंपनी ने आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले में 135 मेगावाट क्षमता वाले दो ताप विद्युत स्टेशनों के निर्माण के लिए यह ठेका हासिल किया है। मधुकॉन के […]
कच्चे तेल में आ सकती है और तेजी
पिछले दो महीनों में यूरो के मुकाबले डॉलर में सबसे बड़ी गिरावट के बाद कच्चे तेल की कीमतों में कुछ परिवर्तन आया है। न्यू यॉर्क में कच्चे तेल की कीमतें 145 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गईं। इसके अलावा ब्राजील में तेल उद्योग से जुड़े कर्मचारी भी हड़ताल करने की बात कह रहे हैं […]
दशहरी की लाली पड़ गई काली
मानसून ने बुंदेलखंड समेत सूबे के सभी किसानों को खुश कर दिया है, पर दशहरी उत्पादकों के चेहरों की हंसी छीन ली है। लगातार हो रही बारिश ने पहले दशहरी की फसल को तगड़ा नुकसान पहुंचाया और अब उन्हें बदरंग कर उसकी बिक्री को चोट पहुंचाई है। फसल के मौसम में दशहरी आम आलू के […]
कबाड़ करोड़ों का
अर्थव्यवस्था की तेजी में भला कबाड़ी भी कहां पीछे रहते। जैसे जैसे उद्योग धंधे फलते फूलते जा रहे हैं, इन कबाड़ियों का रद्दी का कारोबार भी लगातार बढ़ते जा रहा है। दिल्ली में कबाड़ का थोक व्यापार करने वाले रामआसरे ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि पिछले दो वर्ष में हमारा कारोबार तकरीबन दो से […]
पाम ऑयल में नरमी का रुख
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के चलते पाम ऑयल की कीमतों में भी गिरावट आई है। गौरतलब है कि बायोफ्यूल बनाने के लिए पाम ऑयल का बड़े पैमाने पर उपयोग होता है। कच्चे तेल में रेकॉर्ड तेजी के चलते जून में पाम ऑयल की कीमतों में तेजी का रुख था। दरअसल कच्चे तेल की […]
कानपुर में कबाड़ियों की मौज
कबाड़ियों के शहर के नाम से मशहूर कानपुर में उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी कबाड़ मंडी है। यहां के कबाड़ियों का मानना है कि सरकारी सहूलियतों के बिना उन्होंने अपने कारोबार को पिछले दो सालों के भीतर ही दोगुने से ज्यादा कर लिया है। उत्तर प्रदेश में कानपुर, लोहा स्क्रेप के व्यापार का सबसे बड़ा […]
कम नहीं हो रहीं चीनी मिलों की दुश्वारियां
गन्ने की बुआई क्षेत्र में कमी आने की वजह से अगले सीजन (अक्टूबर-सितंबर) में गन्ने का कम उत्पादन होने के बावजूद चीनी कंपनियों को मुनाफे की कम ही आस है। इसकी वजह ये कंपनियां सरकारी नीतियों को बता रही हैं। सभी जानते हैं कि अगले साल आम चुनाव होने हैं और सरकार की नीति चीनी […]
पूरी होगी दाल आयातकों की मुराद
काफी समय से सही और भरोसेमंद प्लेटफॉर्म की तलाश कर रहे दलहन कारोबारियों की मुराद अब पूरी होने जा रही है। दलहन आयात काफी जोखिम वाला काम है क्योंकि आयातकों को अधिकतर आयात उधारी पर ही करना पड़ता है। इस क्रेडिट कारोबार के चलते इन आयातकों को हर साल लाखों रुपये का चूना लग जाता […]
खाद्य तेल के आयात में सात फीसदी की बढ़ोतरी
विश्व में भले ही मंदी की बात की जा रही हो लेकिन भारत में यदि घरों के खर्चों की बात करें तो कहानी कुछ और ही नजर आती है। यदि खाद्य तेल आयात के आंकड़ों को देखें तो भारत में एक औसत मध्यवर्गीय परिवार में खाने-पीने पर होने वाले खर्च में बहुत तेजी आती जा […]
