जेटा से भारतीय सड़कों पर धूम मचाने की तैयारी
सिंड्रेला की कहानियों से प्रसिद्धि पाने वाले ब्रदर्स ग्रिम ने 19वीं शताब्दी में फिर से स्लीपिंग ब्यूटी लिखी। इस परी कथा को सबसे पहले चार्ल्स पेरो ने लिखा था। पहली बार भले ही इस कहानी को फ्रांसीसी लेखक ने लिखा था, पर सही मायनों में तो इसे लोकप्रियता तब मिली जब ब्रदर्स ग्रिन ने इसे […]
पीएफ में है बदलाव की जरूरत
प्रोविडेंट फंड बोर्ड ने प्रोविडेंट फंड योजनाओं के तहत आने वाले श्रमिकों की तादाद में भारी इजाफा करने की सिफारिश की है। बोर्ड ने सिफारिश की है कि अब 10 श्रमिकों वाले सभी संस्थान और 20 कर्मचारियों वाले कोऑपरेटिव को प्रोविडेंट फंड के दायरे में लाया जाए। इससे प्रोविडेंट फंड के दायरे में आने वाले […]
कवायद राष्ट्र निर्माण के फिर से राष्ट्रीयकरण की
आप चाहें तो इसे केवल संयोग की संज्ञा दे सकते हैं, लेकिन कुछ महीनों में बुनियादी ढांचे से जुड़ी ज्यादातर परियोजनाएं सरकारी कंपनियों को ही दी गईं। ऐसी परियोजनाएं आम तौर पर प्राइवेट कंपनियों को दी जाती थीं। यह कवायद केवल केंद्र सरकार के स्तर पर ही नहीं चल रही है, बल्कि राज्य सरकारों के […]
सबप्राइम संकट से कब मिलेगा छुटकारा?
अर्थव्यवस्था के जटिल सिद्धांतों में एक मिसाल आम तौर पर दी जाती है। वह मिसाल यह है कि लैटिन अमेरिका में कहीं कोई तितली अपने पंखों को फड़फड़ाए और उसकी वजह से हजारों मीलों दूर दुनिया के किसी दूसरे हिस्से में जबरदस्त तूफान आ जाए। दुनिया में जो मौजूदा संकट है, वह भी इसी तरह […]
बीएस की क्लास
1-अमेरिका में ‘कोर महंर्गाई दर’ का इस्तेमाल महंगाई दर से किया जाता है, जिसमें ……… शामिल नहीं होतीक- खाद्य कीमतेंख- ऊर्जा कीमतेंग- खाद्य और ऊर्जा कीमतेंघ- विनिर्मित उत्पाद कीमतें 2- ‘उच्च मुद्रास्फीति’ उसे कहते हैं, जिसमें तीन वर्ष की संचयी महंर्गाई ………. पर पहुंच जाएक- 50 प्रतिशतख- 75 प्रतिशतग- 100 प्रतिशतघ- 125 प्रतिशत 3- 30 […]
कमाई के हो सकते हैं कई रास्ते, रखें ध्यान
किसी भी अन्य कारोबार की तरह, एक स्वरोजगार व्यक्ति के लिए भी यह जानना जरूरी होता है कि उसे कहां-कहां से कारोबार मिल सकता है और कहां से आमदनी हो सकती है। इस दिशा में सबसे पहला कदम होता है आपकी सेवाओं या उत्पाद के लिए संभाव्य खरीदार की तलाश। चूंकि मेरा कारोबार प्रशिक्षण कार्यक्रम का […]
मंदी के बाजार में खरीदारी का अलग होता है तरीका
कार्ल पॉपर के बनाए गए रिफलैक्सिविटी के सिध्दांत को उनके चेले जॉर्ज सोरस ने भी अपनाया। रिफलैक्सिविटी का मानना है कि सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक या आर्थिक रुझान अकसर प्रतिक्रियाओं से काफी व्यापक हो जाते हैं, जो उन्हें मजबूत और अधिक समय के लिए बनाए रखता है।खासतौर पर वित्तीय रुझान तार्किक कारणों से शुरू होते हैं, […]
किफायती मकान के लिए करें थोड़ा और इंतजार
पिछले एक साल से भी अधिक समय से जहां प्रॉपर्टी विशेषज्ञ जोर-जोर से एक ही राग अलाप रहे हैं, कि प्रॉपर्टी की कीमतों में कमी आएगी, लेकिन प्रॉपर्टी खरीदने के इच्छुकों को, खासतौर पर मेट्रो शहरों में कीमतों में कोई सुधार दिखाई नहीं दे रहा। बिल्डर्स जो पिछले पांच वर्षों में से काफी अधिक मुनाफा […]
बाजार में निवेश करने का सबसे माकूल वक्त
क्या भारत की गिरती विकास दर को बाजार के प्रदर्शन के लिए जिम्मेवार माना जा सकता है?भारत विकास के पथ पर अग्रसर है और भारतीय अर्थव्यवस्था के बुनियादी तत्वों में कुछ भी नहं बदला है। हालांकि कुछ घटनाओं मसलन बढ़ती तेल कीमतों और महंगाई दर में इजाफे ने कुछ हद तक विकास दर को प्रभावित […]
दूरसंचार बाजार में संभावनाएं अपार
आइडिया-स्पाइस कम्युनिकेशंस के बीच हुए विलय के सौदे से भारतीय दूरसंचार क्षेत्र में विलय की गतिविधियों के लिए रास्ता और साफ हुआ है। दूरसंचार के बाजार में छोटी कंपनियों की बात की जाए, तो एचएफसीएल इन्फोटेल, श्याम टेलीलिंक और एयरसेल जैसे कुछ ही नाम बचे हैं और भीड़भाड़ भरे इस मैदान में कई नई कंपनियां […]
