अप्रैल महीने के दौरान देश में घरेलू यात्री वाहनों की थोक बिक्री पिछले साल के मुकाबले 27 प्रतिशत बढ़कर लगभग 4,50,000 हो गई। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बावजूद यह इजाफा हुआ। इसे पिछले साल की जीएसटी दर में कटौती और सतत मांग से भी मदद मिली।
मारुति सुजूकी इंडिया ने सालाना आधार पर 35.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1,87,704 वाहनों की अब तक की सबसे अधिक मासिक घरेलू बिक्री दर्ज की। वीडियो प्रेस कॉन्फ्रेंस में कंपनी के वरिष्ठ कार्य अधिकारी (मार्केटिंग और बिक्री) पार्थो बनर्जी ने कहा कि उद्योग की वृद्धि कम आधार के बजाय मांग की मजबूती को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि 4,45,000 से 4,50,000 वाहन बिक्री का अनुमान है, जबकि पिछले साल अप्रैल में यह संख्या 3,54,000 थी।
उन्होंने कहा कि कई अनुकूल कारक मांग का समर्थन कर रहे हैं। इनमें ‘जीएसटी 2.0, पिछले साल के बजट में दी गई आयकर राहत और रीपो दरों में कमी’ शामिल हैं। उन्होंने कहा, ‘जब तक ये अनुकूल कारक बने हुए हैं, मुझे नहीं लगता कि वाहन उद्योग के न बढ़ने की कोई वजह होगी।’ हालांकि उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण ईंधन की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी से शुरुआती स्तर वाली कारों की मांग प्रभावित हो सकती है।
बनर्जी ने ग्रामीण बाजारों की बढ़ती भूमिका के बारे में भी बात की, जिसमें अप्रैल के दौरान पैठ एक साल पहले की तुलना में 2.4 प्रतिशत अंक बढ़कर 52.3 प्रतिशत हो गई। उन्होंने कहा कि दूरदराज के इलाकों में और आगे बढ़ने की हमारी रणनीति स्पष्ट रूप से दिख रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी ने छोटे शहरों में अपने खुदरा नेटवर्क का आक्रामक विस्तार किया है।
मारुति सुजूकी की एसयूवी में दमदार मांग जारी रही। अप्रैल में लगभग 55,000 वाहनों की बिक्री हुई और पोर्टफोलियो में इसकी लगभग 30 प्रतिशत हिस्सेदारी है। साथ ही उन्होंने छोटी कारों में सुधार की ओर भी इशारा किया। उन्होंने कहा, ‘हम छोटी श्रेणी में जोरदार वृद्धि देख रहे हैं।’ उन्होंने इसका श्रेय बेहतर उत्पादन और दोपहिया वाहन मालिकों के अपग्रेड होने से मिली मांग को दिया। अन्य वाहन विनिर्माताओं में से टाटा मोटर्स ने अप्रैल के दौरान घरेलू यात्री वाहन बिक्री में तेज उछाल देखी और यह बढ़कर 59,000 हो गई, जबकि पिछले साल यह संख्या 45,199 थी। यह आंकड़ा 30.5 प्रतिशत की वृद्धि और बिक्री में जोरदार वापसी को दर्शाता है।
महिंद्रा ऐंड महिंद्रा ने 56,331 वाहन बिक्री दर्ज की, जबकि पहले यह संख्या 52,330 थी। इस तरह इसमें 7.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो मांग की स्थिर रफ्तार को इंगित करती है।
ह्युंडै मोटर इंडिया ने पिछले साल दर्ज 44,374 वाहन बिक्री की तुलना में 51,902 वाहनों की बिक्री की, जो 17 प्रतिशत का इजाफा है। टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने 24,833 वाहन बिक्री की तुलना में 30,159 वाहन बेचे जो 21.4 प्रतिशत की बढोतरी है। किया इंडिया ने पिछले साल अप्रैल में की गई 23,623 वाहन बिक्री की तुलना में 15.5 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 27,286 वाहन बिक्री दर्ज की।