Auto Sales India: अगर आप नई बाइक, स्कूटर, कार या ट्रैक्टर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो ऑटो इंडस्ट्री से जुड़ा यह अपडेट जरूर जान लें। महंगाई, बढ़ती ईंधन कीमतों और गर्मी के बावजूद देश में ऑटोमोबाइल्स की मांग मजबूत बनी हुई है। मई 2026 में भारतीय ऑटो बाजार ने नया रिकॉर्ड बनाया है। दोपहिया वाहनों से लेकर कारों और ट्रैक्टरों तक की बिक्री में शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। खास बात यह है कि इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) की लोकप्रियता भी तेजी से बढ़ रही है।
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (FADA) की ओर से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, ईंधन कीमतों में संशोधन के बावजूद मई 2026 में देश की कुल ऑटोमोबाइल रिटेल बिक्री सालाना आधार पर 9.55 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड 25,31,067 यूनिट पर पहुंच गई। पिछले वर्ष मई 2025 में देश में कुल ऑटो रिटेल बिक्री 23,10,451 यूनिट रही थी।
रिटेल बिक्री के लिहाज से देखें तो मई 2026 तीन-पहिया वाहनों, यात्री वाहनों (PV) और ट्रैक्टरों के लिए अब तक का सबसे बेहतर मई महीना रहा। आमतौर पर मई को ऑटो इंडस्ट्री के लिए अपेक्षाकृत कमजोर महीना माना जाता है।
डीलर्स ने बताया कि ईंधन बचाने वाले और वैकल्पिक पावरट्रेन वाले वाहनों को लेकर ग्राहकों की तरफ से पूछताछ बढ़ी है। इसका असर इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की हिस्सेदारी में भी दिखाई दिया, जो एक साल पहले 6.11 फीसदी थी और बढ़कर 9.25 फीसदी हो गई।
FADA के आंकड़ों के अनुसार, मई 2026 में PV की रिटेल बिक्री रिकॉर्ड 4,02,591 यूनिट रही, जो मई 2025 में 3,26,656 यूनिट थी। इस तरह इसमें 23.25 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। दोपहिया वाहनों की बिक्री भी मई 2026 में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची। इस दौरान 18,44,947 यूनिट की बिक्री हुई, जबकि मई 2025 में यह आंकड़ा 17,15,581 यूनिट था। यानी बिक्री में 7.54 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
फाडा ने कहा कि तीन-पहिया वाहनों की बिक्री मई 2026 में 1,11,526 यूनिट रही, जो एक साल पहले 1,07,688 यूनिट थी। इसमें 3.56 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। कॉमर्शियल वाहनों की बिक्री भी 5.29 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड 83,823 यूनिट पर पहुंच गई, जबकि मई 2025 में यह 79,614 यूनिट थी। जून 2026 के लिए इंडस्ट्री का आउटलुक संतुलित लेकिन सतर्क रूख के साथ पॉजिटिव बना हुआ है। मानसून की प्रगति और ग्रामीण क्षेत्रों में नकदी प्रवाह से मांग को समर्थन मिलने की उम्मीद है, हालांकि लागत संबंधी दबाव बने रह सकते हैं।
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डीलर्स के अनुसार, 50.52 फीसदी डीलरों को जून में बिक्री बढ़ने की उम्मीद है, जबकि 39.90 फीसदी डीलरों का मानना है कि बाजार स्थिर रहेगा। केवल 9.59 फीसदी डीलरों ने बिक्री में गिरावट की आशंका जताई है।
डीलर्स ने बताया कि शादी-ब्याह के सीजन और GST 2.0 ढांचे में कीमतें कम होने से यात्रियों और ग्रामीण ग्राहकों की खरीदारी जारी रही। हालांकि कई क्षेत्रों में भीषण गर्मी के कारण शोरूम में ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हुई और कुछ मॉडलों की सीमित उपलब्धता ने बिक्री की रफ्तार को प्रभावित किया।
फाडा के अध्यक्ष सीएस विग्नेश्वर ने कहा, “जैसा कि हमने अप्रैल 2026 की रिपोर्ट में आशंका जताई थी, मई के दौरान भीषण गर्मी, ईंधन कीमतों का दबाव और पश्चिम एशिया की स्थिति जैसे जोखिम सामने आए। इसके बावजूद भारतीय ऑटो रिटेल बाजार ने अपनी ग्रोथ की रफ्तार बनाए रखी और मई 2026 तीन-पहिया वाहनों, यात्री वाहनों, ट्रैक्टरों और कुल पंजीकरण के लिहाज से अब तक का सबसे बेहतर मई महीना साबित हुआ।”
विग्नेश्वर ने कहा कि अप्रैल के मुकाबले मई में 6.75 फीसदी की मासिक गिरावट सामान्य मौसमी प्रभाव और दक्षिण-पश्चिम मानसून के देर से आने के कारण रही। मई का अधिकांश समय देश के वर्षा आधारित कृषि क्षेत्रों में बुआई से पहले की अवधि के रूप में बीता। इसके बावजूद बिक्री में वृद्धि बने रहना मांग की मजबूती को दर्शाता है।
फाडा के अनुसार, 4 जून को केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून के पहुंचने और इसके उत्तर की ओर बढ़ने के साथ अब मांग की उम्मीदें मानसून की प्रगति, खरीफ फसल की शुरुआती तैयारी और विवाह सीजन के प्रभाव पर टिकी हैं। इसके अलावा जून की मौद्रिक नीति समीक्षा में RBI द्वारा रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर बनाए रखने से वित्तपोषण का माहौल भी स्थिर बना हुआ है।
दोपहिया वाहन क्षेत्र में ग्रामीण आय में सुधार और ईंधन-किफायती इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग से बिक्री को समर्थन मिलने की उम्मीद है। हालांकि कुछ बाजारों में गर्मी और ऊंची ईंधन कीमतें अभी भी चुनौती बनी हुई हैं। फाडा का कहना है कि यात्री वाहन क्षेत्र में मजबूत बुकिंग पाइपलाइन, खासकर इलेक्ट्रिक वाहनों और नए लॉन्च की वजह से मांग बनी रह सकती है। वहीं कॉमर्शियल वाहन क्षेत्र में माल ढुलाई और इंफ्रास्ट्रक्चर गतिविधियों से स्थिरता बनी रहने की संभावना है।
हालांकि, भीषण गर्मी के हालात, ईंधन कीमतों की दिशा और पश्चिम एशिया की स्थिति, जिससे माल ढुलाई और इनपुट लागत प्रभावित हो सकती है, आने वाले समय में नजर रखने वाले प्रमुख कारक बने रहेंगे।
PTI इनपुट के साथ