अप्रैल 2026 में देश के इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की खुदरा बिक्री में सालाना जोरदार वृद्धि का सिलसिला जारी रहा। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (फाडा) के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। आंकड़ों से पता चलता है कि ईवी के इस्तेमाल में बड़े स्तर पर विस्तार हुआ है। इसे बेहतर मॉडल पोर्टफोलियो और उपभोक्ताओं की बढ़ती स्वीकृति का समर्थन मिला है। लेकिन मासिक प्रदर्शन में मार्च की जोरदार बिक्री के बाद सीजनल नरमी देखने को मिली।
इलेक्ट्रिक यात्री वाहनों की बिक्री ने इस तेजी की अगुआई की, जिसमें सालाना आधार पर 75.1 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई और यह बढ़कर 23,506 वाहनों तक पहुंच गई। इसके बाद मार्च के मुकाबले इसमें 4.5 प्रतिशत की मामूली बढ़त देखने को मिली। इस श्रेणी पर टाटा मोटर्स पैसेंजर्स व्हीकल्स का दबदबा बरकरार रहा, जिसने 8,543 वाहनों की खुदरा बिक्री की।
महिंद्रा ऐंड महिंद्रा ने 5,413 वाहनों की बिक्री की। उन्हें अपने बढ़ते इलेक्ट्रिक पोर्टफोलियो की जोरदार मांग से लगातार फायदा मिलता रहा। जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया और बीवाईडी इंडिया सहित अन्य कार विनिर्माताओं ने भी इस श्रेणी की वृद्धि में योगदान दिया। यह बढ़ती प्रतिस्पर्धा और उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध विकल्पों की व्यापकता को दर्शाता है।
दोपहिया वाहन श्रेणी में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में सालाना आधार पर 60.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई। लेकिन मार्च के अधिक आधार के प्रभाव के कारण मासिक आधार पर इसमें 22 प्रतिशत की गिरावट आई और यह घटकर 1.49 लाख वाहनों तक पहुंच गई। तिमाही आधार पर इस गिरावट के बावजूद यह श्रेणी कुल ईवी बिक्री में सबसे बड़ी योगदानकर्ता बनी रही। इसकी अगुआई टीवीएस मोटर कंपनी ने 37,683 वाहन बिक्री के साथ की। इसके बाद बजाज ऑटो (32,898 वाहन) और एथर एनर्जी (27,034 वाहन) का स्थान रहा।