facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Ace Aviation ने कन्वर्जन स्लॉट के लिए एक और विमान खरीदा

Advertisement

सहयोग की कमी के कारण जेट विमानों की डील में देरी, कन्वर्जन स्लॉट पूरा करने के लिए एस एविएशन ने नया विमान बाजार से खरीदा

Last Updated- October 04, 2024 | 10:21 PM IST
Michael Koish, Chief Investment Officer, Challenge Group

तीन बोइंग बी777 विमानों के अधिग्रहण के लिए जेट एयरवेज के साथ संघर्ष कर रही एस एविएशन ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि उसने फरवरी 2025 की शुरुआत में कन्वर्जन स्लॉट के लिए एक और विमान खरीदा है।

माल्टा स्थित एस एविएशन की पैतृक कंपनी चैलेंज ग्रुप के मुख्य निवेश अधिकारी माइकल कोइश ने कहा कि उनके पास 2025 की शुरुआत में यात्री विमान को मालवाहक विमान में बदलने के लिए कन्वर्जन स्लॉट (विमान का प्रकार बदलने के लिए दिए गए समय स्लॉट) हैं और इसके लिए उन्हें जल्द ही विमान खरीदने की जरूरत है।

लेकिन जेट एयरवेज के ऋणदाताओं और एयरलाइन के सफल बोलीदाता जालान कालरॉक कंसोर्टियम, दोनों से सहयोग के अभाव की वजह से उन्हें बाजार से अन्य विमान खरीदने को बाध्य होना पड़ा, जिसमें महज 3 से 4 महीने लगे।

उन्होंने कहा, ‘हमने 2025 की पहली तिमाही से शुरू होने वाले कई कन्वर्जन स्लॉट हासिल किए हैं। हमने शुरू में इस समय सीमा को पूरा करने के लिए 2024 के मध्य तक इन जेट विमानों की खरीद को अंतिम रूप देने का लक्ष्य रखा था। हालांकि बैंकों और एसआरए (सक्सेसफुल रिजोल्यूशन एप्लीकेंट, जो जेकेसी है) से सहयोग के अभाव की वजह से सौदे में काफी विलंब हुआ।’

‘हमने अभिरुचि पत्र पर हस्ताक्षर किए और दो साल पहले जेट के खाते में 56 लाख डॉलर स्थानांतरित किए। समाधान योजना के तहत, यह सौदा 45 दिनों के भीतर पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी कोई प्रगति नहीं हुई है, और वे अपने कदम पीछे खींचते जा रहे हैं।’

Advertisement
First Published - October 4, 2024 | 10:21 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement