facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Go First के आरपी से मांगा हलफनामा

Advertisement

Go First के विमानों का रखरखाव नहीं हुआ

Last Updated- December 05, 2023 | 9:33 PM IST
History became Go First! NCLT ordered liquidation of the airline इतिहास बन गई Go First! NCLT ने एयरलाइन के लिक्विडेशन का ऑर्डर दिया

ठप पड़ी विमानन कंपनी गो फर्स्ट के एक पट्टादाता ने आज दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष सवाल किया कि क्या यह विमानन कंपनी जान और अंगों को जोखिम में डाले बिना परीक्षण उड़ान भरने में भी सक्षम है? अदालत ने गो फर्स्ट के समाधान पेशेवर (आरपी) को विमान पट्टेदाता की अवमानना याचिका पर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।

विमान पट्टादाता डीएई (एसवाई22) 13 आयरलैंड डेजिग्नेटेड एक्टिविटी कंपनी ने यह कहते हुए अवमानना याचिका दायर की है कि समाधान पेशेवर ने उन्हें अपने ही विमान के रिकॉर्ड/दस्तावेजों तक पहुंच देने से इनकार किया और इस तरह 12 अक्टूबर के फैसले का उल्लंघन किया है।

पट्टादाता ने कहा कि समाधान पेशेवर को जानबूझकर अदालत के आदेशों का पालन करने से मना कर दिया गया है। समाधान पेशेवर को 10 दिसंबर तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है और अदालत ने कहा कि विमान और अन्य हिस्सों के रखरखाव के निर्देश संबंधी उसके आदेशों का पालन किया जाना चाहिए। अवमानना मामले की सुनवाई अब 12 दिसंबर को होगी।

पट्टादाता के वकील ने कहा ‘ये (विमान) लाखों डॉलर की संपत्ति हैं। मेरे प्रबुद्ध मित्र (समाधान पेशेवर) का कहना है कि हम विमान उड़ाने के लिए तैयार हैं। आदेश के तहत वे कुछ नहीं कर रहे हैं। 19 मई के बाद कोई रखरखाव नहीं हुआ है।

ये अदालत के आदेश हैं, जिनका अवश्य ही सम्मान किया जाना चाहिए। सुनवाई जितनी लंबी चलेगी, समाधान पेशेवर की विमान रखरखाव की जिम्मेदारी उतनी ही अधिक होगी।’ न्यायमूर्ति तारा वितास्ता गंजू ने कहा कि इस मामले में मुख्य संपत्ति विमान हैं और अगर उनका सही से रखरखाव नहीं होता है तो इससे हरेक को परेशानी होगी।

Advertisement
First Published - December 5, 2023 | 9:33 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement