facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

फ्लाइट्स कैंसिलेशन मामले में इंडिगो पर ₹22 करोड़ का जुर्माना, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हटाए गए

Advertisement

नियामक ने शनिवार को एक बयान में एयरलाइन के मुख्य कार्या​धिकारी को फ्लाइट ऑपरेशंस और क्राइसिस मैनेजमेंट की अपर्याप्त निगरानी पर चेतावनी जारी की थी

Last Updated- January 22, 2026 | 10:48 PM IST
IndiGo

केंद्र सरकार ने गुरुवार को दिल्ली हाई कोर्ट को बताया कि पिछले साल दिसंबर की शुरुआत में उड़ानों में बड़े पैमाने पर हुई गड़बड़ी के मामले में उसने इंडिगो पर 22 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है और एयरलाइन को वरिष्ठ उपाध्यक्ष को परिचालन से हटाने का निर्देश दिया है।

नियामक ने शनिवार को एक बयान में एयरलाइन के मुख्य कार्या​धिकारी को फ्लाइट ऑपरेशंस और क्राइसिस मैनेजमेंट की अपर्याप्त निगरानी पर चेतावनी जारी की थी। यह चेतावनी अकाउंटेबल मैनेजर (सीओओ) को विंटर शेड्यूल 2025 और संशोधित एफडीटीएल सीएआर के असर का आकलन करने में नाकाम रहने के लिए जारी की गई, क्योंकि इससे उड़ानों में बड़े पैमाने पर बाधा पहुंची।

सीनियर वाइस-प्रेसिडेंट (ओसीसी) को व्यवस्थागत नियोजन में नाकाम रहने और संशोधित एफडीटीएल नियमों को लागू करने में देरी पर भी चेतावनी दी, साथ ही उन्हें सभी परिचालन संबं​धित जिम्मेदारियों से मुक्त करने और कोई भी जिम्मेदार भूमिका न दिए जाने का भी निर्देश दिया।

परिचालन, निगरानी, मानव श्रम नियोजन और रोस्टर मैनेजमेंट में कमियों के लिए फ्लाइट ऑपरेशंस के डिप्टी हेड, क्रू रिसोर्स प्लानिंग के एवीपी और फ्लाइट ऑपरेशंस के निदेशक को भी चेतावनी जारी की गई। इंडिगो को निर्देश दिया गया है कि वह अपनी अंदरूनी जांच में पहचाने गए किसी भी दूसरे कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई शुरू करे और डीजीसीए को इस संबंध में अनुपालना रिपोर्ट पेश करे।

केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने गुरुवार को कोर्ट को बताया कि सुधार के उपायों का पालन सुनिश्चित करने और लंबे समय तक व्यवस्थागत अनुपालन के लिए एयरलाइन से कहा गया है कि वह एयरलाइन नियामक को 50 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी दे। उन्होंने यह भी बताया कि एयरलाइन के दूसरे अधिकारियों को भी चेतावनियां जारी की गई हैं।

मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया के खंडपीठ को इस संबंध में जानकारी दी गई थी। इस खंडपीठ में उड़ानों में हुए व्यवधानों की जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई की जा रही है। सरकार ने सीलबंद लिफाफे में अपनी जांच रिपोर्ट भी अदालत में पेश की।

सं​क्षिप्त सुनवाई के बाद अदालत ने दो सप्ताह के अंदर रिकॉर्ड पर हलफनामे के ​जरिये केंद्र सरकार को अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 25 फरवरी को होगी।

अधिवक्ता अखिल राणा और उत्कर्ष शर्मा की यह याचिका इंडिगो द्वारा 3 से 5 दिसंबर के बीच उड़ानों के बड़े पैमाने पर रद्द करने और देरी से संबंधित है। इस अव​धि के दौरान एयरलाइन ने 2,507 उड़ानों को रद्द कर दिया और अन्य 1,852 में विलंब हुआ, जिससे हवाई अड्डों पर भीड़भाड़ हो गई और बड़ी संख्या में यात्री फंसे रहे।

एयरलाइन पायलटों की कमी और संशोधित उड़ान ड्यूटी टाइम लिमिटेशन मानदंडों को लागू करने में चूक से प्रभावित हुई थी।

Advertisement
First Published - January 22, 2026 | 10:43 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement