इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 79 (3)(बी) के तहत सामग्री हटाने की समय सीमा को वर्तमान में अनुमत तीन घंटे से घटाकर एक घंटा करने पर विचार कर रहा है। मामले से अवगत सूत्रों ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को इसकी जानकारी दी।
एक अधिकारी ने कहा कि ऐसा कदम तभी उठाया जाएगा जब सोशल मीडिया और इंटरनेट मध्यस्थ बिना किसी बड़ी बाधा के तीन घंटे की समय सीमा का पालन करते रहेंगे। अधिकारी ने कहा, ‘इस पर विचार किया जा रहा है लेकिन इसे तत्काल लागू करने की कोई योजना नहीं है। वर्तमान में तीन घंटे की समय सीमा है और हमें सभी मध्यस्थों से इसे लागू करने पर लगातार प्रतिक्रिया मिल रही है।’
एक अन्य अधिकारी ने कहा कि आईटी मंत्रालय जल्द ही प्रस्तावित एक घंटे की समय सीमा की व्यवहार्यता पर चर्चा करने के लिए सोशल मीडिया और इंटरनेट मध्यस्थों के अधिकारियों सहित सभी हितधारकों से संपर्क करेगा।
अधिकारी ने कहा, ‘भारत में इंटरनेट के प्रसार को देखते हुए यहां सामग्री के वायरल होने की संभावना बहुत अधिक है इसलिए अवैध सामग्री पर तेजी से कार्रवाई करना महत्त्वपूर्ण है।’ ऑनलाइन सामग्री को हटाने की समय सीमा को घटाने के प्रस्ताव पर जानकारी के लिए आईटी मंत्रालय को ईमल भेजा गया मगर खबर लिखे जाने तक जवाब नहीं आया। इस साल फरवरी में सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 में अधिसूचित संशोधन में कहा गया था कि आपत्तिजनक और अवैध सामग्री के बारे में संबंधित प्लेटफॉर्म को सूचित किए जाने के तीन घंटे के भीतर हटाया जाना चाहिए।