Online Gaming Rules: केंद्र सरकार ने बुधवार को ऑनलाइन गेमिंग को बढ़ावा देने और विनियमित करने के अधिनियम, 2025 के तहत प्रशासनिक नियमों को अधिसूचित कर दिया है। इसी के साथ अब भारत में सभी गेमिंग कंपनियों को अपने उपयोगकर्ताओं के लिए हर हाल में वित्तीय, मनोवैज्ञानिक, सामाजिक, सुरक्षा-संबंधी या सामग्री-संबंधी नुकसान से बचाने के लिए सुरक्षा उपाय लागू करने होंगे। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के तहत ये नियम 1 मई से प्रभावी होंगे।
नए नियमों में गेमिंग कंपनियों को जिम्मेदार ऑनलाइन गेमिंग को बढ़ावा देने, चोट से बचाने, पारदर्शिता बढ़ाने, तयशुदा उपयोगकर्ता विकल्प देने और ऑनलाइन गेमिंग की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रक्रियात्मक, परिचालन, व्यवहारिक या प्रणाली संबंधी सुरक्षा उपाय प्रदान करने की बात कही गई है। भारत में ऑनलाइन गेमिंग प्राधिकरण का भी गठन किया गया है, जिसमें छह सदस्य होंगे। इसमें आईटी मंत्रालय के एक अतिरिक्त सचिव रैंक के अधिकारी अध्यक्ष होंगे, जबकि गृह मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग, सूचना और प्रसारण मंत्रालय, युवा मामले और खेल मंत्रालय तथा विधि विभाग के संयुक्त सचिव रैंक के अधिकारी पदेन सदस्य के रूप में काम करेंगे।
इन नियमों में सरकार ने प्राधिकरण के साथ ऑनलाइन गेमों के अनिवार्य पूर्व-पंजीकरण की आवश्यकता को समाप्त कर दिया है, लेकिन इसमें शर्त जोड़ी गई है कि ऐसे खेल या गेमिंग कंपनियां ऐसी सेवाएं प्रदान नहीं करेंगी जिनसे उपयोगकर्ताओं या बच्चों को नुकसान का खतरा हो या खिलाड़ियों पर चोट लगने या प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना हो। आईटी मंत्रालय के सचिव एस कृष्णन ने कहा, ‘हम ऑनलाइन गेमिंग को ज्यादा नियमों के बंधन में बांधना नहीं चाहते।’
नियमों के अनुसार सभी प्रकार के ई-स्पोर्ट्स को अनिवार्य रूप से प्राधिकरण के साथ पंजीकृत कराना होगा। किन खेलों या गेमिंग कंपनियों को प्राधिकरण के साथ पंजीकरण करने की आवश्यकता होगी, इसका निर्धारण अभी किया जाना है। इनके अलावा, भारत में खेल या कोई अन्य संबंधित सेवाएं पेश करने वाली सभी गेमिंग कंपनियों को उनके द्वारा पेश किए जा रहे खेलों पर खिलाड़ी की शिकायतों के समाधान के लिए शिकायत निवारण तंत्र भी स्थापित करना होगा और उसे सक्रिय भी रखना होगा।