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गांवों से शहरों तक नौकरी की बाढ़, असंगठित सेक्टर में 15 करोड़ रोजगार का आंकड़ा पहली बार पार

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असंगठित गैर-कृषि क्षेत्र में रोजगार पहली बार 15 करोड़ के पार पहुंच गया है, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों और सेवा सेक्टर की सबसे तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

Last Updated- May 22, 2026 | 9:49 AM IST
Rural and Urban Employment Boom: India’s Unorganised Sector Hits 15 Crore Jobs
Representative image

भारत के असंगठित गैर-कृषि क्षेत्र में रोजगार पहली बार जनवरी-मार्च 2026 की तिमाही में 15 करोड़ के पार चला गया है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के गुरुवार को जारी असंगठित क्षेत्र के उद्यमों के तिमाही बुलेटिन के अनुसार असंगठित गैर कृषि क्षेत्र में रोजगार बीते साल की इस तिमाही के 13.13 करोड़ से 15.51 प्रतिशत बढ़कर 15.17 करोड़ हो गया है।

बुलेटिन के अनुसार ‘यह इस क्षेत्र में स्वस्थ श्रम बाजार वृद्धि को दर्शाता है, जो विभिन्न सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि के कुशल या अकुशल लोगों के लिए रोजगार का प्रमुख स्रोत है।’ मार्च 2025-26 की तिमाही में अनुमानित प्रतिष्ठानों की संख्या पिछले वर्ष की समान तिमाही की तुलना में 16.7 प्रतिशत बढ़कर 9.16 करोड़ हो गई। बुलेटिन के मुताबिक जहां विस्तार विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक था, वहीं ग्रामीण क्षेत्र वृद्धि के मामले में शहरी क्षेत्र से आगे निकल गया। ग्रामीण प्रतिष्ठानों में सालाना 20.46 प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि शहरी प्रतिष्ठानों में 12.59 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसी क्रम में ग्रामीण रोजगार में 21.65 प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि शहरी रोजगार में 10.39 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

एनएसओ के अनुसार, ‘कई असंगठित इकाइयां दिहाड़ी श्रमिकों, प्रवासी श्रमिकों और सहायकों पर निर्भर करती हैं। यह श्रमिक आमतौर पर मौसमी श्रमिक कामकाज से इन असंगठिक इकाइयों में आते हैं और फिर कृषि क्षेत्र में गतिविधियां मजबूत होने पर फिर इस क्षेत्र में उद्यमी या श्रमिक के रूप में वापस आ जाते हैं। इसके चलते रोजगार और इन इकाइयों में वृद्धि होती है।

प्रमुख गतिविधि श्रेणियों (विनिर्माण, व्यापार और अन्य सेवाएं) का मुख्य चालक सेवा क्षेत्र था। सेवा प्रतिष्ठानों की संख्या में पिछले वर्ष की तुलना में 24.82 प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि इस क्षेत्र में रोजगार 31.13 प्रतिशत बढ़ा। इससे सेवाएं असंगठित अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा और सबसे तेजी से बढ़ने वाला खंड बन गया। एनएसओ ने कहा कि यह बढ़ती उद्यमी गतिविधि और स्थानीय सेवाओं की बढ़ती मांग को दर्शाता है। विनिर्माण में रोजगार 10 प्रतिशत बढ़ा जबकि सेवाओं में यह मात्र 2.2 प्रतिशत बढ़ा।

गैर-कृषि क्षेत्र के गैर-असंगठित कार्यबल में मिला जुला कार्यबल रहा। गैर असंगठित कार्यबल में वर्किंग ओनर्स का दबदबा रहा। इनकी कुल श्रमिकों में हिस्सेदारी 60.97 प्रतिशत थी जबकि बीते साल की इस तिमाही में इनकी हिस्सेदारी 58.29 प्रतिशत थी। हायर्ड वर्कर की हिस्सेदारी 26.86 प्रतिशत से मामूली रूप से गिरकर 24.77 प्रतिशत हो गई।

बुलेटिन में यह भी कहा गया है कि महिलाओं का इस क्षेत्र में कुल रोजगार में लगभग 29 प्रतिशत योगदान रहा, जो 2025 की समान तिमाही की तुलना में थोड़ा अधिक है। डिजिटल अपनाने के संबंध में 81 प्रतिशत प्रतिष्ठानों ने उद्यमशील उद्देश्यों के लिए इंटरनेट का उपयोग किया। यह भी कहा गया है कि लगभग 81 प्रतिशत ने ऑनलाइन बैंकिंग, यूपीआई, पीओएस डिवाइस और अन्य डिजिटल भुगतान तंत्र सहित कैशलेस लेनदेन मोड को अपनाया है। औपचारिकताकरण भी तेज हो रहा है। किसी अधिनियम या प्राधिकरण के तहत पंजीकृत प्रतिष्ठानों का हिस्सा बढ़कर 41.37 प्रतिशत हो गया जो एक साल पहले 36.2 प्रतिशत से काफी ऊपर है।

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First Published - May 22, 2026 | 9:49 AM IST

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