केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि 76,000 करोड़ रुपये के ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ के तहत सरकार द्वारा मंजूर की गई तीसरी और चौथी सेमीकंडक्टर चिप पैकेजिंग इकाइयां जुलाई और दिसंबर तक चालू होने का अनुमान है।
भारतीय उद्योग परिसंघ के 2026 के सालाना बिजनेस समिट में वैष्णव ने कहा कि चिप पैकेजिंग के वाणिज्यिक उत्पादन के अलावा, माइक्रो-लाइट-एमिटिंग डायोड (एलईडी) डिस्प्ले का पहला घरेलू वाणिज्यिक उत्पादन अगले 22 महीनों के भीतर शुरू हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चूंकि माइक्रो-एलईडी डिस्प्ले यूनिट की कीमतें लगातार नीचे आई हैं। इसलिए भारत के लिए इस अवसर का लाभ उठाने का समय है, क्योंकि डिस्प्ले टेक्नॉलजी इस समय निर्णायक मोड़ पर है।
वैष्णव ने कहा कि एआई में वृद्धि बहुत तेजी से हो रही है, क्योंकि हर कुछ सप्ताहों में नई और ज्यादा एडवांस टेक्नॉलजी सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा, ‘हर महीने दुनिया के किसी न किसी हिस्से से काम करने का कोई नया तरीका सामने आता है। ऐसे में यहीं पर हमें अपने दृष्टिकोण को लेकर बहुत स्पष्ट होना होगा कि हम जिस भी सेक्टर में काम करते हैं, उसमें अपनी उत्पादकता में हमें इस (एआई) टेक्नॉलजी का फायदा उठाना है।’
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एआई के विकास का लाभ उठाने के लिए सरकार डेटा सेंटर क्षेत्र में भारत की मौजूदगी बढ़ाने पर ध्यान फोकस कर रही है। उन्होंने कहा कि देश में नए डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए घोषित 20 साल की कर छूट सरकार द्वारा उठाया गया एक सकारात्मक कदम था। उन्होंने कहा कि कर छूट के उपायों का असर दिखना शुरू हो गया है, क्योंकि डेटा सेंटर क्षेत्र के लिए अब तक लगभग 200 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की जा चुकी है।