facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

ऑनलाइन गेमिंग विधेयक पास, रियल मनी गेम्स पर शिकंजा; ई-स्पोर्ट्स को मिलेगा बढ़ावा

Advertisement

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस विधेयक का मकसद ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेम्स को बढ़ावा देना है।

Last Updated- August 21, 2025 | 10:04 AM IST
Income Tax Department collected TDS worth Rs 700 crore from online gaming, crypto business

लोक सभा में आज ऑनलाइन खेल संवर्धन और विनियमन विधेयक पारित किया गया। विधेयक में भारत में किसी भी तरह के पैसों वाले खेल (आरएमजी) और उनसे जुड़े विज्ञापनों पर प्रतिबंध का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, भारत में आरएमजी की पेशकश करने वाले किसी भी शख्स के लिए तीन वर्षों की जेल और एक करोड़ रुपये तक के जुर्माना की भी सिफारिश की गई है। साथ ही, बैंकिंग संस्थानों को भी ऐसी आरएमजी कंपनियों के साथ काम करने पर प्रतिबंध का बी प्रावधान किया गया है।

इस विधेयक को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को मंजूरी दी थी और बुधवार की सुबह इसे निचली सदन में पेश किया गया। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस विधेयक का मकसद ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेम्स को बढ़ावा देना है। साथ ही ऑनलाइन पैसों वाले खेल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाना है ताकि बच्चों और युवाओं में इन खेलों की बढ़ती लत को रोका जा सके।

विधेयक पारित होने के बाद वैष्णव ने कहा, ‘अगर समाज को बड़े पैमाने पर प्रभावित करने वाली किसी समस्या का समाधान करना हो या फिर किसी उद्योग को समर्थन देना हो तो सरकार हमेशा बड़े सामाजिक मुद्दों का समाधान करना ही पसंद करेगी। ऐसे कई उदाहरण हैं जहां इन खेलों से होने वाले आर्थिक नुकसान काफी ज्यादा रहे हैं। इसके अलावा, धोखाधड़ी के भी कई मामले सामने आए हैं। समाज की भलाई के खातिर सरकार के लिए यह कदम उठाना काफी जरूरी था।’

यह भी पढ़ें: रियल मनी गेम्स बैन के खिलाफ गेमिंग इंडस्ट्री की गुहार, अमित शाह से हस्तक्षेप की मांग

संसद के निचले सदन द्वारा पारित किए गए इस विधेयक में यह भी प्रस्ताव किया गया है कि जो भी व्यक्ति पैसों वाले खेलों में संलिप्त होगा या इसके लिए धन का उपयोग करने को अधिकृत करेगा उसे तीन वर्ष तक की जेल की सजा अथवा 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना या दोनों लगेगा। विधेयक में कहा गया है कि ऐसे खेलों के लिए धन का प्राधिकरण के लिए जो लोग बार-बार अपराध करते हैं उन्हें पांच साल तक की जेल और 2 करोड़ रुपये का जुर्माना या दोनों लगाया जा सकता है।

पैसों वाले खेल पर दंडात्मक कार्रवाई के अलावा विधेयक में ई-स्पोर्ट्स और अन्य सामाजिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए एक प्राधिकरण या एजेंसी की स्थापना का प्रस्ताव है, जो ऐसे खेलों के आयोजन और संचालन के लिए दिशानिर्देश और मानक तैयार करेगा। विधेयक के तहत सरकार द्वारा ई-स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए समर्पित प्रशिक्षण अकादमियां, अनुसंधान केंद्र और अन्य संस्थान भी स्थापित किए जाएंगे।

वैष्णव ने कहा, ‘इस विधेयक के जरिये ई-स्पोर्ट्स को कानूनी मान्यता मिलेगी। इससे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने वाले खिलाड़ियों और संगठनों को सरकारी मान्यता प्राप्त होगी और वे उसी के अनुसार प्रतिस्पर्धा भी कर पाएंगे।’

Advertisement
First Published - August 21, 2025 | 9:50 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement