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जीवन बीमा कंपनियों के लिए धारणा कमजोर रहने के आसार

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SBI लाइफ ने दो साल की सीएजीआर 3 प्रतिशत दर्ज की। उसने वित्त वर्ष 2025 में सालाना आधार पर 13 प्रतिशत और कुल एपीई वृद्धि 8 प्रतिशत दर्ज की।

Last Updated- December 14, 2024 | 9:14 AM IST
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जीवन बीमा गतिविधियां नवंबर 2024 में कमजोर रहीं। व्यक्तिगत एनुअल प्रीमियम इक्विलेंट (एपीई) उद्योग स्तर पर एक साल पहले के मुकाबले 9 प्रतिशत (दो वर्षीय सीएजीआर: 1 प्रतिशत) बढ़ा। नई सरेंडर वैल्यू से संबंधित दिशानिर्देश अक्टूबर 2024 से लागू हो गए हैं।

निजी क्षेत्र की कंपनियों ने नवंबर 2024 में 15 प्रतिशत की सालाना वृद्धि (दो वर्षीय सीएजीआर: 7 प्रतिशत बनाम 12 प्रतिशत/-1 प्रतिशत अक्टूबर 2024/नवंबर 2023 में) दर्ज की। सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (एलआईसी) का एपीई सालाना आधार पर 12 प्रतिशत तक घट गया। निजी क्षेत्र की कंपनियों की बाजार भागीदारी बढ़कर 69 प्रतिशत हो गई जो नवंबर 2023 में 66 प्रतिशत थी।

वित्त वर्ष 2025 में अब तक की वृद्धि उद्योग और निजी कंपनियों के लिए क्रमशः 16 प्रतिशत और 21 प्रतिशत सालाना रही जो वित्त वर्ष 2024 की इसी अवधि में 7 प्रतिशत / 11 प्रतिशत थी। एसबीआई लाइफ ने नवंबर 2024 में 9 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की जबकि अक्टूबर 2024 में यह 10 प्रतिशत और नवंबर 2023 में 3 प्रतिशत कम थी। वित्त वर्ष 2025 में अब तक (वाईटीडी) उसे बाजार भागीदारी का नुकसान उठाना पड़ा है।

एसबीआई लाइफ ने दो साल की सीएजीआर 3 प्रतिशत दर्ज की। उसने वित्त वर्ष 2025 में सालाना आधार पर 13 प्रतिशत और कुल एपीई वृद्धि 8 प्रतिशत दर्ज की। परिणामस्वरूप वित्त वर्ष 2025 में बाजार हिस्सेदारी 47 आधार अंक घटकर 16 प्रतिशत रह गई। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ (आईपीआरयू) की वृद्धि दर सालाना आधार पर 28 प्रतिशत रही (अक्टूबर-2024 में 22 प्रतिशत और नवंबर-2023 में -3 प्रतिशत), जिससे वित्त वर्ष 2025 में बाजार हिस्सेदारी में 98 आधार अंक की वृद्धि हुई। आईपीआरयू ने दो साल की सीएजीआर 12 प्रतिशत दर्ज की। वित्त वर्ष 2025 के लिए कंपनी की व्यक्तिगत और कुल एपीई वृद्धि 35 प्रतिशत और सालाना आधार पर 54 प्रतिशत रही। आईपीआरयू लाइफ की बाजार भागीदारी वित्त वर्ष 2025 में अब तक 7 प्रतिशत रही है जो 98 आधार अंक तक ज्यादा है।

एचडीएफसी लाइफ ने सालाना आधार पर 3 प्रतिशत का इजाफा दर्ज किया जबकि अक्टूबर 2024 में उसके लिए यह आंकड़ा 21 फीसदी और नवंबर 2023 में -4 फीसदी था। वित्त वर्ष 2025 में अब तक कंपनी ने 66 आधार अंक की बाजार भागीदारी दर्ज की है। मैक्स लाइफ ने सालाना आधार पर 25 प्रतिशत की वृद्धि (अक्टूबर 2024 में 15 प्रतिशत और नवंबर 2023 में 8 प्रतिशत के मुकाबले) दर्ज की और वित्त वर्ष 2025 में अब तक 59 आधार अंक की बाजार भागीदारी हासिल की है। एचडीएफसी लाइफ ने नवंबर 2024 में -0.5 फीसदी की दो वर्षीय सीएजीआर दर्ज की। वित्त वर्ष 2025 वाईटीडी के संदर्भ में वृद्धि 24 प्रतिशत और व्यक्तिगत तथा कुल एपीई के संदर्भ में सालाना आधार पर 20 प्रतिशत रही और वित्त वर्ष 2025 में अब तक 11 प्रतिशत की बाजार भागीदारी वृद्धि दर्ज की गई जो एक साल पहले के मुकाबले 66 आधार अंक तक अधिक है।

नए सरेंडर नियमों के संदर्भ में समायोजन, बीमा संशोधन विधेयक की अनिश्चितता और आगामी बजट में प्रत्यक्ष कर सुधारों का निकट भविष्य में इन कंपनियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। नियामकीय और कर व्यवस्था स्पष्ट होने तक शेयर की कीमतों पर और अधिक दबाव दिख सकता है।

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First Published - December 14, 2024 | 9:14 AM IST

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