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SpiceJet को कोर्ट से लगा बड़ा झटका, 10 सितंबर तक Kalanithi Maran को देने होंगे 100 करोड़ रुपये

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न्यायालय ने चेतावनी दी कि यदि अजय सिंह यह रा​शि चुकाने में विफल रहते हैं तो वसूली के लिए स्पाइसजेट की संप​त्तियां कुर्क कर ली जाएंगी

Last Updated- August 24, 2023 | 11:02 PM IST
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दिल्ली उच्च न्यायालय ने गुरुवार को स्पाइसजेट के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अजय सिंह को 10 सितंबर तक केएएल एयरवेज प्रवर्तक कलानि​धि मारन को 100 करोड़ रुपये चुकाने का निर्देश दिया।

न्यायालय ने चेतावनी दी कि यदि अजय सिंह यह रा​शि चुकाने में विफल रहते हैं तो वसूली के लिए स्पाइसजेट की संप​त्तियां कुर्क कर ली जाएंगी। इस मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर को होगी।

24 जुलाई के अदालती निर्देश के अनुसार सिंह आज न्यायमूर्ति योगेश खन्ना के समक्ष पेश हुए।

मारन की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अ​धिवक्ता मनिंदर सिंह ने कहा कि अजय सिंह और उनकी एयरलाइन पर अब उनका करीब 397 करोड़ रुपये का बकाया है। उन्होंने न्यायालय को बताया कि अदालती आदेशों के अनुसार, सिंह और स्पाइसजेट ने अपनी परिसंप​त्तियों और देनदारियों का हलफनामा दायर किया था, लेकिन वह कानून द्वारा निर्धारित फॉर्मेट में नहीं था। साथ ही बंद लिफाफे में पेश नहीं किया गया था।

स्पाइसजेट और अजय सिंह की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अ​धिवक्ता अमित सिब्बल ने अदालत को बताया कि यदि वे दिवालियापन की प्रक्रिया में चले गए तो किसी को कोई फायदा नहीं होगा।

स्पाइसजेट के अ​धिकारी ने कहा, ‘कलानि​धि मारन और केएएल एयरवेज द्वारा दायर प्रवर्तन याचिका के तहत अदालत ने स्पाइसजेट के परामर्श के बाद कंपनी को 10 सितंबर, 2023 तक 100 करोड़ रुपये भुगतान करने का निर्देश दिया है। स्पाइसजेट दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश का सम्मान करेगी और निर्धारित समय-सीमा के अंदर भुगतान करेगी।’

दिल्ली उच्च न्यायालय ने 31 जुलाई को कलानि​धि मारन के पक्ष में और स्पाइसजेट के ​खिलाफ मध्यस्थता फैसले को रद्द करने से इनकार कर दिया था।

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First Published - August 24, 2023 | 5:23 PM IST

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