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सिम नियमों पर सख्त सरकार: WhatsApp-Telegram जैसे ओटीटी ऐप्स को नहीं मिलेगी समय-सीमा में राहत

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दूरसंचार विभाग ने मार्च तक सभी ऐप आधारित संचार सेवाओं के लिए सिम की बाध्यता अनिवार्य कर दी है

Last Updated- February 25, 2026 | 9:35 PM IST
Jyotiraditya Scindia

सरकार व्हाट्सऐप और टेलीग्राम जैसी ओवर द टॉप (ओटीटी) कंपनियों के लिए सिम की अनिवार्यता से जुड़े नियमों के अनुपालन की समय-सीमा नहीं बढ़ाएगी। सिम जरूरी करने संबंधी निर्देश दिसंबर में जारी किए गए थे। संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को कहा, ‘फिलहाल विस्तार की कोई योजना नहीं है।’ उन्होंने कहा कि यह निर्देश राष्ट्रीय सुरक्षा की चिंता दूर करने के लिए दिया गया है। लेकिन ओटीटी ऐप का कहना है कि वे दूरसंचार अधिनियम के कानूनी दायरे में नहीं आती हैं।

सिंधिया ने कहा, ‘कुछ ऐसे मुद्दे हैं जो राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित हैं जबकि कुछ अन्य राजस्व से जुड़े मसले हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता है। राजस्व संबंधी मसले पर मैं अपने दायरे और जिम्मेदारी के बारे में बिल्कुल स्पष्ट हूं।’

दूरसंचार विभाग ने मार्च तक सभी ऐप आधारित संचार सेवाओं के लिए सिम की बाध्यता अनिवार्य कर दी है। इसमें प्लेटफॉर्म को हर समय किसी डिवाइस में सक्रिय और केवाईसी सत्यापित सिम कार्ड से लिंक करने की आवश्यकता है। वेब और वर्चुअल कनेक्शन के लिए हर 12 घंटे में लॉग आउट करना आवश्यक है। पहले यह समय 6 घंटे था जिसे बढ़ाया गया है।

सिंधिया ने कहा कि सरकार सुनिश्चित करेगी कि उपग्रह स्पेक्ट्रम मूल्य निर्धारण और आवंटन को अंतिम रूप दिया जाए। साथ ही कंपनियां वाणिज्यिक तौर पर सेवाएं शुरू करने के लिए आवश्यक निर्देशों का अनुपालन करने के लिए तैयार रहें। दूरसंचार नियामक ने दिसंबर में उपग्रह ब्रॉडबैंड स्पेक्ट्रम के लिए मूल्य निर्धारण मानदंडों की सिफारिश की थी। दूरसंचार विभाग को अभी इस पर निर्णय लेना है।

भारती समूह के निवेश वाली यूटेलसैट-वनवेब, रिलायंस इंडस्ट्रीज की कंपनी जियो-एसईएस और स्पेसएक्स की स्टारलिंक जैसी कंपनियों को उपग्रह स्पेक्ट्रम आवंटित करने के लिए मूल्य निर्धारित करना आवश्यक है। कंपनियां सुरक्षा मंजूरियां ले रही हैं और वाणिज्यिक तौर पर अपनी सेवाएं शुरू करने से पहले नियामकीय मंजूरी हासिल करने के अंतिम चरण में हैं।
सिंधिया ने कहा, ‘हम जल्द से जल्द स्पेक्ट्रम आवंटन मूल्य तय करने की कोशिश कर रहे हैं। मैं यह सुनिश्चित करना चाहूंगा कि कंपनियों द्वारा सभी आवश्यकताओं का अनुपालन करने से पहले ऐसा किया जाए।’

सकल समायोजित राजस्व बकाये पर राहत के लिए भारती एयरटेल की याचिका के बारे में मंत्री ने कहा कि दूरसंचार कंपनी को अदालत का रुख करना चाहिए जैसा वोडाफोन आइडिया ने किया है। उन्होंने कहा, ‘जहां तक वोडाफोन आइडिया का मामला है, हम सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर काम कर रहे हैं। हमने जो भी कदम उठाया है, वह फैसले पर आधारित है। कोई अन्य दूरसंचार कंपनी अगर चाहे तो उसका अनुकरण कर सकती है।’

सिंधिया ने कहा कि सरकारी दूरसंचार कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) ने दिसंबर 2025 में समाप्त 9 महीनों की अवधि में 17,705 करोड़ रुपये का कुल राजस्व दर्ज किया जो एक साल पहले की इसी अवधि के मुकाबले करीब 30 फीसदी अधिक है। उन्होंने कहा, ‘हमारा एबिटा और भी उत्साहजनक रहा है। यह वित्त वर्ष 2025 के पहले 9 महीनों में करीब 2,369 करोड़ रुपये था जो वित्त वर्ष 2026 के पहले 9 महीनों में 4,858 करोड़ रुपये दर्ज किया गया और105 फीसदी अधिक है।’

निदेशक स्तर के अधिकारी विवेक बंसल ने प्रयागराज की यात्रा के लिए 50 अधिकारियों की मांग करने वाला एक आदेश जारी किया था। मंत्री ने कहा कि यह एक चौंकाने वाली और बेतुकी घटना थी। यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी। सिंधिया ने कहा, ‘विश्वास नहीं होता है कि कोई ऐसा आदेश भी जारी करेगा। यह सभी नियमों और परंपराओं का उल्लंघन है। हमने कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। प्राप्त जवाब के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।’

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First Published - February 25, 2026 | 9:30 PM IST

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