facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

D2M: डायरेक्ट टू मोबाइल के प्रायोगिक परीक्षण का होगा विस्तार, मंत्रालय ने लिया फैसला; TRAI ने भी किया है समर्थन

Advertisement

एक बार जब हैंडसेट को टीवी सिग्नल हासिल करने की सुविधा मिल जाती है तो यह लाइव टीवी भी स्ट्रीम कर सकता है। लेकिन भारतीय बाजार में ऐसे हैंडसेट की कमी है।

Last Updated- August 18, 2024 | 10:02 PM IST
Direct-to-mobile broadcasting trials in 19 cities soon: I&B secretary

डायरेक्ट टू मोबाइल (डी2एम) तकनीक के परीक्षण के लिए चल रही प्रायोगिक परियोजना का विस्तार शुरुआत के 19 शहरों से आगे करने का निर्णय लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह निर्णय हाल में हुई अंतर-मंत्रालय बैठक में लिया गया।

दूरसंचार विभाग (डीओटी) के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, ‘सभी मंत्रालयों में इस बात पर व्यापक सहमति है कि डी2एम तकनीक भारत के लिए लाभदायक होगा। प्रायोगिक परीक्षण फिलहाल प्रसार भारती की ओर से किया जा रहा है जिसका विस्तार अब टीयर 2 और टीयर 3 शहरों में किया जाएगा जहां से देश भर में डी2एम की शुरुआत के साथ ही काफी मांग आने की उम्मीद है।’ हालांकि अधिकारियों का कहना है कि भारत में मोबाइल फोन में डी2एम तकनीक को शामिल करने को अनिवार्य बनाने का अभी कोई प्रस्ताव नहीं है।

दूरसंचार विभाग के अधिकारियों ने कहा, ‘हमने पहले भी कहा था कि डी2एम तकनीक के लिए जरूरी हैंडसेट और संबंधित उपकरणों के घरेलू उत्पादन में मदद के लिए एक योजना लाई जा सकती है। यह विकल्प आगे भी है। लेकिन अब तक ऐसा कोई आदेश नहीं है।’

डीओटी से इस बाबत पूछे गए सवाल पर कोई टिप्पणी नहीं मिली। डी2एम एक ऐसी प्रस्तावित प्रसारण तकनीक है जो बिना इंटरनेट कनेक्शन के उपभोक्ताओं के स्मार्टफोन पर मल्टीमीडिया सामग्री प्रसारित करने में सक्षम है। एक बार जब हैंडसेट को टीवी सिग्नल हासिल करने की सुविधा मिल जाती है तो यह लाइव टीवी भी स्ट्रीम कर सकता है। लेकिन भारतीय बाजार में ऐसे हैंडसेट की कमी है।

इस बीच भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने राष्ट्रीय प्रसारण नीति पर अपनी सिफारिश के हिस्से के रूप में भारत में डी2एम का समर्थन किया है। टेलीविजन और मोबाइल उपकरणों के लिए डिजिटल प्रसारण के इस्तेमाल और विस्तार को केबल और सैटेलाइट प्रसारण के साथ एक पूरक प्रसारण तकनीक मानी जानी चाहिए। ट्राई के अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि इस मुद्दे पर आगे कोई परामर्श की बात अभी तय नहीं है।

Advertisement
First Published - August 18, 2024 | 10:02 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement