Vi Q4 Results: वोडाफोन आइडिया (Vi) ने करीब छह साल बाद पहली बार मुनाफा दर्ज किया है। कंपनी को वित्त वर्ष 2025-26 की मार्च तिमाही (Q4FY26) में 51,970 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में उसे 7,167 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। कंपनी को यह बड़ा मुनाफा मुख्य रूप से AGR (एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू) बकाया में राहत मिलने की वजह से हुआ। दूरसंचार विभाग (DoT) ने कंपनी की पुरानी देनदारी का दोबारा आकलन किया, जिसके बाद उसका बकाया काफी कम हो गया। कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में यह जानकारी दी है। इस बीच आदित्य बिड़ला समूह वोडाफोन आइडिया में 4,730 करोड़ रुपये का निवेश करेगा।
दूरसंचार विभाग (DoT) ने 27 जनवरी को पुष्टि की थी कि 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी पर AGR बकाया 87,695 करोड़ रुपये था। इसके बाद 30 अप्रैल को दूरसंचार विभाग ने कंपनी को बताया कि पुनर्मूल्यांकन के लिए गठित समिति ने वित्त वर्ष 2006-07 से 2018-19 की अवधि के लिए 31 दिसंबर 2025 तक AGR बकाया को संशोधित कर 64,046 करोड़ रुपये तय किया है।
कंपनी ने अपनी पुरानी AGR देनदारी का दोबारा हिसाब किया, जिसके बाद उसका कुल बकाया काफी कम हो गया। पहले कंपनी पर 80,502 करोड़ रुपये की देनदारी थी, लेकिन संशोधन के बाद इसे घटाकर 24,880 करोड़ रुपये कर दिया गया। इससे कंपनी को करीब 55,622 करोड़ रुपये का बड़ा वित्तीय फायदा हुआ, जिसे उसने अपने मुनाफे में शामिल किया।
एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी ने बताया कि मार्च तिमाही में कंपनी की परिचालन आय भी थोड़ी बढ़ी। यह लगभग 3 प्रतिशत बढ़कर 11,332 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 11,229 करोड़ रुपये थी। सिर्फ तिमाही ही नहीं, बल्कि AGR देनदारी में कमी के कारण वोडाफोन आइडिया पूरे वित्त वर्ष में भी लाभ में आ गई। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में 34,552 करोड़ रुपये का वार्षिक लाभ दर्ज किया। इससे पिछले वर्ष इसी अवधि में कंपनी को 27,384 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।
वोडाफोन आइडिया का सालाना कंसॉलिडेटेड परिचालन आय सालाना आधार पर 3 प्रतिशत बढ़कर 44,782 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 43,454 करोड़ रुपये था।
कंपनी का एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) बढ़कर 190 रुपये हो गया। यह सालाना आधार पर 8.5 प्रतिशत की वृद्धि है, जिसे कंपनी ने इंडस्ट्रीमें सबसे तेज वृद्धि बताया। हालांकि कुल ARPU के मामले में VI अभी भी प्रतिस्पर्धियों से पीछे है। एयरटेल का ARPU 257 रुपये और रिलायंस जियो का 214 रुपये है।
कंपनी के मुताबिक, असाधारण वित्तीय लाभ के कारण वोडाफोन आइडिया ने 2018 में विलय के बाद पहली बार मुनाफा दर्ज किया, लेकिन सामान्य कारोबार के आधार पर कंपनी अब भी घाटे में रही। मार्च तिमाही में कंपनी का घाटा घटकर 5,515 करोड़ रुपये रह गया, जो एक साल पहले 7,167 करोड़ रुपये था। पिछली तिमाही में यह घाटा 5,286 करोड़ रुपये था। कंपनी का बैंक कर्ज भी घटकर एक-तिहाई रह गया है। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में यह 726 करोड़ रुपये रहा, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 2,326 करोड़ रुपये था।
इस बीच आदित्य बिड़ला समूह कंपनी में 4,730 करोड़ रुपये का निवेश करेगा। यह निवेश सिंगापुर स्थित सूर्याजा इन्वेस्टमेंट्स पीटीई लिमिटेड (आदित्य बिड़ला समूह की कंपनी और प्रमोटर समूह इकाई) के जरिए किया जाएगा, जिसके बदले उसे कंपनी में 3.82 प्रतिशत हिस्सेदारी मिलेगी। यह कदम ऐसे समय आया है जब इसी महीने आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला को वोडाफोन आइडिया का गैर-कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया गया है।
वोडाफोन आइडिया लिमिटेड के मुख्य कार्याधिकारी (CEO) अभिजीत किशोर ने कहा कि कैपेक्स निवेश और नेटवर्क विस्तार का फायदा अब साफ दिखाई देने लगा है। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही हमारे लिए एक बड़ा और निर्णायक कदम साबित हुई है, क्योंकि जिन सात प्रमुख मानकों पर हम अपने प्रदर्शन को मापते हैं, उनमें लगातार सुधार देखने को मिला है।
उन्होंने कहा कि सबसे अहम बात यह है कि फरवरी 2026 से हमारे ग्राहकों की संख्या में शुद्ध बढ़ोतरी शुरू हुई है, जो हमारे लगातार नेटवर्क निवेश का असर दिखाती है। हमने अपनी 4G सेवाओं का विस्तार कर 4.8 करोड़ से अधिक आबादी को कवर किया है और बेहतर ग्राहक अनुभव देने की प्रतिबद्धता के तहत 80 से अधिक शहरों में 5G सेवाएं भी शुरू कर दी हैं। अब हमारा फोकस तेजी से काम को आगे बढ़ाने और इस रफ्तार को और मजबूत करने पर है।
इस बीच, कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि VI के एंटरप्राइज प्रमुख अरविंद नेवतिया 11 वर्षों के कार्यकाल के बाद कंपनी छोड़ेंगे। उनकी जगह एमपी सुनील कुमार लेंगे, जो फिलहाल हैदराबाद स्थित क्लाउड कम्युनिकेशन कंपनी टैनला प्लेटफॉर्म्स में चीफ ग्रोथ ऑफिसर हैं।