facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

प्रतिबंधित TTP के 5,000 से 6,000 आतंकियों ने अफगानिस्तान में शरण ली हुई है: पाकिस्तानी अधिकारी

Advertisement

अफगानिस्तान में पाकिस्तान के विशेष प्रतिनिधि राजदूत आसिफ दुर्रानी ने देश में लगातार हो रहे आतंकवादी हमलों के बीच यह दावा किया।

Last Updated- March 17, 2024 | 7:53 PM IST
pakistan
Representative Image

प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के लगभग 5,000 से 6,000 आतंकवादियों ने पड़ोसी अफगानिस्तान में शरण ली हुई है।

अफगानिस्तान में पाकिस्तान के विशेष प्रतिनिधि राजदूत आसिफ दुर्रानी ने देश में लगातार हो रहे आतंकवादी हमलों के बीच यह दावा किया।

‘डॉन’ अखबार की खबर के मुताबिक, दुर्रानी शनिवार को इस्लामाबाद स्थित विचारक संस्था ‘पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर पीस स्टडीज’ (पीआईपीएस) द्वारा ‘अफगान शांति और सुलह : पाकिस्तान के हित और नीति विकल्प’ विषय पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि लगभग 5,000 से 6,000 टीटीपी आतंकवादी अफगानिस्तान में हैं। दुर्रानी ने कहा, ‘‘अगर हम उनके परिवारों को शामिल कर लें तो यह संख्या 70,000 तक पहुंच जाती है।’’

दुर्रानी ने कहा कि प्रतिबंधित टीटीपी के साथ पाकिस्तान की शांति वार्ता अतीत में विफल रही क्योंकि आतंकवादी समूह न तो आत्मसमर्पण करने के लिए तैयार था और न ही पाकिस्तान के संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ लेने के लिए तैयार था। उन्होंने कहा कि बातचीत में गतिरोध का एक अहम कारण यह भी था कि संगठन अपने द्वारा किए गए जघन्य अपराधों के लिए कानून का सामना नहीं करना चाहता।

Advertisement
First Published - March 17, 2024 | 7:53 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement