अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के आर्टेमिस-2 मिशन के अंतरिक्ष यात्री सोमवार रात चंद्रमा के पिछले हिस्से से निकलकर पृथ्वी की ओर रवाना हो गए। इस दौरान उन्होंने चंद्रमा के उस हिस्से को देखा, जिसे पहले कभी इतने करीब से नहीं देखा गया था और मानव इतिहास में चंद्रमा के आसपास सबसे ज्यादा दूरी तय करने का नया रिकॉर्ड भी बनाया। करीब सात घंटे का यह सफर इस मिशन का सबसे खास हिस्सा रहा।
अपोलो अंतरिक्ष कार्यक्रम के बाद पहली बार नासा ने मनुष्यों को फिर से चंद्रमा पर भेजा। इस मिशन में तीन अमेरिकी और एक कनाडाई अंतरिक्ष यात्री हैं।
आर्टेमिस-2 ने अपोलो 13 का पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। साल 1970 में अपोलो 13 मिशन में 4,00,171 किलोमीटर की दूरी तय की गई थी, जिसे आर्टेमिस-2 मिशन के तहत पार कर लिया गया है। कनाडाई अंतरिक्ष यात्री जेरेमी हैनसेन ने कहा, ‘बिना कोई उपकरण लगाए आंखों से चंद्रमा से जो दिख रहा है, वह रोमांचित करने वाला है। यह अविश्वसनीय है।’
उन्होंने कहा कि अगली पीढ़ी को इस रिकॉर्ड को जल्द तोड़ना चाहिए। रिकॉर्ड तोड़ने के तुरंत बाद अंतरिक्ष यात्रियों ने चंद्रमा पर दो नए गड्ढों (क्रेटर) के नाम रखने की अनुमति मांगी। उन्होंने एक का नाम अपने कैप्सूल के नाम पर ‘इंटेग्रिटी’ और दूसरे का नाम कमांडर रीड वाइजमैन की पत्नी की याद में ‘कैरल’ रखने का प्रस्ताव दिया, जिनका 2020 में कैंसर से निधन हो गया था।