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भारतीय Steel कंपनियों के लिए फिर आई बुरी खबर, पहले Trump का एलान और अब Moodys’ की ये रिपोर्ट

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पिछले 12 महीनों में भारत में इस्पात के अधिक आयात ने पहले ही देश के इस्पात उत्पादकों की कीमतों और कमाई को घटा दिया है।

Last Updated- February 10, 2025 | 3:55 PM IST
Vehicle companies protest against security duty on steel import, differences over self-reliance वाहन कंपनियों का स्टील आयात पर सुरक्षा शुल्क का विरोध, आत्मनिर्भरता को लेकर मतभेद

मूडीज रेटिंग्स ने सोमवार को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सभी इस्पात एवं एल्युमीनियम आयात पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा के बाद भारतीय इस्पात उत्पादकों को अपने उत्पादों के निर्यात में अधिक चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।

मूडीज रेटिंग्स के सहायक उपाध्यक्ष हुइ तिंग सिम ने कहा कि पिछले 12 महीनों में भारत में इस्पात के अधिक आयात ने पहले ही देश के इस्पात उत्पादकों की कीमतों और कमाई को घटा दिया है। मूडीज ने उम्मीद जताई है कि ट्रंप प्रशासन के नए कदम से घरेलू इस्पात की मांग बढ़ेगी और बिक्री कीमतें बढ़ने से अमेरिका के इस्पात उत्पादकों को फायदा होगा।

ट्रंप ने रविवार को कहा कि वह इस्पात और एल्युमीनियम आयात के लिए नए शुल्क की घोषणा करेंगे। इसके अलावा ट्रंप प्रशासन किसी भी देश की तरफ से अमेरिकी उत्पादों पर शुल्क लगाए जाने पर उसके खिलाफ आयात शुल्क लगाने जा रहा है।

सिम ने कहा, ‘‘इस्पात पर अमेरिकी शुल्क प्रतिस्पर्धा को बढ़ाएगा और अन्य इस्पात उत्पादक बाजारों में आपूर्ति बढ़ाएगा। इसकी वजह से भारतीय इस्पात उत्पादकों को अपने उत्पादों के निर्यात में अधिक चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।’’

शोध संस्थान ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के मुताबिक, 2018 में अमेरिका एवं चीन के बीच व्यापार युद्ध शुरू होने के बाद से अमेरिका का इस्पात एवं एल्युमीनियम आयात बढ़ता रहा है। प्राथमिक इस्पात आयात वर्ष 2018 में 31.1 अरब डॉलर था जो बढ़कर 2024 में 33 अरब डॉलर हो गया।

(एजेंसी इनपुट के साथ) 

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First Published - February 10, 2025 | 3:55 PM IST

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