facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

सावधान ! UK, लंदन मत जाना; बुरी हालत में है UK Economy

Advertisement

UK Economy के हालात इतने बुरे हो गए हैं कि 2024 की तीसरी तिमाही में GDP वृध्दि दर Zero रही है। कारण: बाहर खाने-पीने के शौकिन अंग्रेज, रेंस्त्रां-बार बहुत कम जा पा रहे।

Last Updated- December 23, 2024 | 7:47 PM IST
London

आर्थिक वृद्धि (economic growth) तेज करने की मुहिम में लगी ब्रिटेन की सरकार के लिए इस साल की तीसरी तिमाही के संशोधित आंकड़े निराशाजनक साबित हुए हैं। इस साल की जुलाई-सितंबर तिमाही में ब्रिटिश अर्थव्यवस्था स्थिर रही है। सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि के सोमवार को जारी संशोधित आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2024 की तीसरी तिमाही में अर्थव्यवस्था शून्य दर से बढ़ी जबकि पिछला अनुमान 0.1 प्रतिशत का था। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने सितंबर तिमाही के संशोधित वृद्धि आंकड़े जारी किए। एजेंसी ने इस गिरावट के लिए आंशिक रूप से रेस्तरां एवं बार में कमजोर कारोबार दिखाने वाले नए सर्वेक्षण डेटा को जिम्मेदार ठहराया।

जुलाई में ब्रिटेन की सत्ता में 14 साल बाद वापसी करने वाली लेबर पार्टी ने अर्थव्यवस्था की हालत को चिंताजनक बताते हुए इसे अपनी प्राथमिकता बताया था। वित्त मंत्री रेचल रीव्स (Treasury chief Rachel Reeves) ने भी आर्थिक वृद्धि तेज करने की बात कही थी। लेकिन जुलाई-सितंबर तिमाही के आंकड़े कुछ अलग तस्वीर बयां कर रहे हैं। इसके अलावा अक्टूबर महीने में भी जीडीपी में 0.1 प्रतिशत गिरावट आने का अनुमान जताया गया है। कोविड-19 महामारी के बाद से ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था धीमी गति से बढ़ी है, 2019 की चौथी तिमाही और 2024 की दूसरी तिमाही के बीच केवल 2.3% की वृद्धि हुई है। विपक्षी दल कंजर्वेटिव पार्टी के प्रवक्ता मेल स्ट्राइड ने कहा कि अर्थव्यवस्था पर चेतावनी देने वाले संकेत साफ दिखाई दे रहे हैं।

Also read : शेयर मार्केट पर रखे नजर, US Fed के बाद अब UK केंद्रीय बैंक का ब्याज दरों पर फैसला

महंगाई पर काबू नहीं पा सकी UK Central Bank-

कुछ समय पहले ही ब्रिटेन के केंद्रीय बैंक (Central bank) ने खुदरा मुद्रास्फीति (retail inflation) के निर्धारित लक्ष्य से आगे निकल जाने के बीच नीतिगत ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने का फैसला किया। बैंक ऑफ इंग्लैंड (Bank of England) की नौ-सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक में प्रमुख ब्याज दर को 4.75 प्रतिशत पर स्थिर रखने का फैसला किया गया। पहले इस दर में कटौती की गई थी। ब्याज दर को स्थिर रखने के पीछे खुदरा मुद्रास्फीति के बढ़कर 2.6 प्रतिशत हो जाने की अहम भूमिका रही है, जो यूके केंद्रीय बैंक के 2% के मुद्रास्फीति के लक्ष्य से अधिक है।

बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर एंड्रयू बेली ने कहा, ‘‘हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि मुद्रास्फीति लगातार दो प्रतिशत लक्ष्य के भीतर बनी रहे।’’ ब्याज दर में कटौती होने से मुद्रास्फीति में और बढ़ोतरी की आशंका को देखते हुए एमपीसी ने यथास्थिति बनाए रखने का फैसला किया। हालांकि, समिति के तीन सदस्यों में 0.25 प्रतिशत कटौती का समर्थन किया था।

रोचक है श्रीराम कृष्णन की सफलता की कहानी, बिना IIT के अमेरिकी राष्ट्रपति की टीम में AI Policy का सर्वेसर्वा

सितंबर-अक्टूबर में दर्ज हुई थी गिरावट

नई सरकार के पहले बजट से पहले अक्टूबर में ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था में लगातार दूसरे महीने गिरावट आई, कोविड-19 महामारी की शुरुआत के बाद से उत्पादन में पहली बार लगातार गिरावट आई है। ऑफिस फॉर नेशनल स्टैटिस्टिक्स के मुताबिक अक्टूबर में सकल घरेलू उत्पाद में महीने-दर-महीने 0.1 प्रतिशत की गिरावट आई, जैसा कि सितंबर में हुआ था। यह मार्च और अप्रैल 2020 के बाद से मासिक जीडीपी में पहली लगातार गिरावट थी। रॉयटर्स सर्वेक्षण में अर्थशास्त्रियों ने 0.1 प्रतिशत की मासिक वृद्धि का अनुमान लगाया था। सेवा क्षेत्र में गिरावट आई, जबकि अक्टूबर में विनिर्माण और निर्माण उद्योगों में उत्पादन में गिरावट आई। यूके की वित्त मंत्री रेचल रीव्स ने एक बयान में कहा था कि हालांकि आंकड़े निराशाजनक हैं, लेकिन हमने दीर्घकालिक आर्थिक विकास के लिए नीतियां बनाई हैं।”

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने कहा था कि पहली तिमाही में 0.7% विस्तार के बाद 2024 की दूसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद में 0.6% की वृद्धि हुई, जो दो साल से अधिक समय में सबसे तेज़ थी। लेकिन अकेले जून में मासिक उत्पादन वृद्धि मई में 0.4% से शून्य हो गई, क्योंकि भारी बारिश ने खुदरा बिक्री को नुकसान पहुंचाया और डॉक्टरों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवा गतिविधि में 1.5% की गिरावट दर्ज हुई थी। स्टर्लिंग में मामूली वृद्धि हुई, जिसने वित्तीय बाजारों की उम्मीदों को बदलने में कोई खास मदद नहीं की।

WATCH: एशियन डेवेल्पमेंट बैंक ADB ने क्या कहा भारत की GDP को लेकर?

पहले से क्या कह रहे थे अर्थशास्त्री

ONS के एक सांख्यिकीविद् ने कहा था कि बजट प्रभाव के लिए “मिश्रित” वास्तविक साक्ष्य थे, कुछ फर्मों ने कहा कि रीव्स की घोषणा का इंतजार कर रहे ग्राहकों के कारण कारोबार प्रभावित हुआ था। अन्य ने गतिविधि को आगे बढ़ाया। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले स्टर्लिंग में लगभग एक चौथाई प्रतिशत की गिरावट आई। निवेशकों ने अगले साल के अंत तक बैंक ऑफ इंग्लैंड की ब्याज दरों में लगभग 3 चौथाई अंकों की कटौती की उम्मीद जारी रखी।

कंसल्टेंसी कैपिटल इकोनॉमिक्स के मुख्य यूके अर्थशास्त्री पॉल डेल्स ने कहा, “हमें नहीं लगता कि अर्थव्यवस्था इतनी कमजोर है कि बैंक नवंबर की दर में कटौती के बाद अगले गुरुवार की दिसंबर की बैठक में एक और कटौती करे।” “ऐसा कहने के बाद, हम इस बारे में उतने आश्वस्त नहीं हैं, जितने इस डेटा रिलीज से पहले थे।”

अकाउंटेंसी फर्म आरएसएम यूके के अर्थशास्त्री थॉमस पुघ ने कहा कि 4 जुलाई के चुनाव से पहले अनिश्चितता – जिसमें 14 साल तक विपक्ष में रहने के बाद लेबर पार्टी ने भारी बहुमत हासिल किया – ने भी जून में विकास को प्रभावित किया हो सकता है।

उन्होंने कहा, “कुल मिलाकर, यूके की अर्थव्यवस्था ने वर्ष की पहली छमाही में ठोस प्रदर्शन किया है, लेकिन हमें अगले वर्ष विकास को गति देने के लिए वास्तविक खर्च और निवेश में बढ़ती आय और आत्मविश्वास के संकेत देखने की जरूरत है।”

इंग्लैंड और वेल्स में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान के अर्थशास्त्र निदेशक सुरेन थिरु ने उम्मीद जताई कि तिमाही विकास धीमा रहेगा क्योंकि इस महीने BoE (Bank of England)में कटौती के बावजूद ब्याज दरें 16 साल के उच्चतम स्तर के करीब बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि वेतन वृद्धि भी धीमी होने की संभावना है और दीर्घकालिक उत्पादकता समस्या बनी हुई है।

महीने की शुरुआत में BoE ने वर्ष की अपेक्षा से अधिक मजबूत शुरुआत और जून तक तीन महीनों में 0.7% तिमाही-दर-तिमाही वृद्धि की उम्मीद के कारण 2024 के लिए अपने वार्षिक विकास पूर्वानुमान को 0.5% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया।

लेकिन यह 2024 के शेष भाग के लिए दृष्टिकोण के बारे में कम उत्साहित था, तीसरी तिमाही में विकास धीमा होकर 0.4% और वर्ष के अंतिम तीन महीनों में 0.2% रहा – जिसे यह अर्थव्यवस्था की अंतर्निहित विकास दर के करीब मानता है।

आईएनजी में यूके के अर्थशास्त्री जेम्स स्मिथ ने कहा कि मजबूत तिमाही वृद्धि से वित्तमंत्री रीव्स को अपने 30 अक्टूबर के बजट के लिए अधिक खर्च करने की शक्ति मिलने की संभावना नहीं है, क्योंकि आधिकारिक पूर्वानुमानकर्ता ब्रिटेन की दीर्घकालिक क्षमता के अपने आकलन को संशोधित करने की संभावना नहीं रखते हैं।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

TATA Group को लेकर खास खबर, IHCL में बड़े विस्तार की तैयारी, शेयर पर रखें नजर

IATA की मानें तो 70 लाख करोड़ के धंधे में मालामाल हो जाएंगी एविएशन कंपनियां, शेयर बनेंगे राकेट

Advertisement
First Published - December 23, 2024 | 7:16 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement