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भारत-ब्रिटेन FTA को मंत्रिमंडल की मंजूरी, 24 जुलाई को लंदन में होंगे हस्ताक्षर

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व्यापार समझौते में चमड़ा, जूते, कपड़ा जैसे श्रम-प्रधान उत्पादों के निर्यात पर कर हटाने का प्रस्ताव है। ब्रिटेन से व्हिस्की, कार आयात को सस्ता बनाने का भी प्रस्ताव है।

Last Updated- July 22, 2025 | 11:07 PM IST
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भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है। इस समझौते पर 24 जुलाई को लंदन में हस्ताक्षर किए जाएंगे। सूत्रों ने यह जानकारी दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय ब्रिटेन यात्रा कल से शुरू हो रही है। उससे पहले आज विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (एफटीएफ) में कानूनी प्रक्रिया जैसे मसलों पर काम इस समय अंतिम दौर से गुजर रहा है। प्रधानमंत्री बुधवार दोपहर को ब्रिटेन और मालदीव की 4 दिवसीय यात्रा के लिए रवाना होंगे।

प्रधानमंत्री के साथ वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल भी जा रहे हैं।  यह पूछे जाने पर कि क्या भारत और ब्रिटेने के बीच होने जा रहे एफटीए से किसी वस्तु को बाहर रखा गया है या नहीं, मिस्री ने कहा कि यह महत्त्वपूर्ण समझौता है और आयात-निर्यात होने वाले सामान को शामिल किया जाना भी उतना ही महत्त्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इससे मुझे लगता है कि ज्यादा उत्पाद इससे बाहर नहीं होंगे।

रूस के ऊर्जा क्षेत्र पर पश्चिम के देशों की ओर से लगाए गए नए प्रतिबंधों के बाद भारत की ऊर्जा सुरक्षा के मसले को मोदी-स्टार्मर वार्ता में शामिल किए जाने के बारे में पूछे जाने पर विदेश सचिव ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता है और व्यापक वैश्विक ऊर्जा बाजार पर ‘स्पष्ट दृष्टि’ रखना महत्त्वपूर्ण है।

पिछले सप्ताह रूस के ऊर्जा क्षेत्र को लक्षित करते हुए यूरोपीय संघ ने नए दंडात्मक कदमों की घोषणा की थी, जिसमें गुजरात की वाडीनार रिफाइनरी पर लगा प्रतिबंध भी शामिल है। इस रिफाइनरी में रूस की तेल दिग्गज रोसनेफ्ट की 49.13 प्रतिशत हिस्सेदारी है। उन्होंने कहा, ‘जहां तक ऊर्जा सुरक्षा का संबंध है, हमारा रुख बहुत साफ है। भारत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता भारत के लोगों के लिए ऊर्जा सुरक्षा प्रदान करना है।’

मिस्री ने कहा, ‘हम उस संबंध में जो भी करने की जरूरत होगी, करेंगे। ऊर्जा से संबंधित मुद्दों पर दोहरे मापदंड नहीं रखना और व्यापक ऊर्जा बाजार के संबंध में वैश्विक स्थिति क्या है, इस पर स्पष्ट दृष्टि रखना महत्त्वपूर्ण है।’भारत और ब्रिटेन ने छह मई को व्यापार समझौते के लिए बातचीत पूरी होने की घोषणा की थी।

इस व्यापार समझौते में चमड़ा, जूते और कपड़ा जैसे श्रम-प्रधान उत्पादों के निर्यात पर कर हटाने का प्रस्ताव है। साथ ही ब्रिटेन से व्हिस्की और कारों के आयात को सस्ता बनाने का भी प्रस्ताव है। इस समझौते का उद्देश्य 2030 तक दोनों देशों के बीच व्यापार को दोगुना करके 120 अरब डॉलर तक पहुंचाना है।

 

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First Published - July 22, 2025 | 10:52 PM IST

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