facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

CPEC के तहत ऊर्जा, जल, जलवायु प्रबंधन में पाकिस्तान के साथ सहयोग और बढ़ाने से चीन का इनकार

Advertisement

‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ अखबार ने CPEC की 11वीं संयुक्त सहयोग समिति (JCC) की बैठक के विवरण के हवाले से यह खबर जारी की।

Last Updated- September 26, 2023 | 8:41 PM IST
China

चीन ने अरबों डॉलर की लागत वाले चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के तहत ऊर्जा, जल प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन के क्षेत्रों में सहयोग का और विस्तार करने से इनकार कर दिया है। यह बात मंगलवार को सामने आई, जो दोनों देशों के बीच दोस्ती में तनाव का संकेत देती है। वहीं, नकदी के संकट से जूझ रहे पाकिस्तान ने बलूचिस्तान प्रांत के ग्वादर में एक नया आयातित कोयला आधारित बिजली संयंत्र स्थापित करने पर अपना विरोध छोड़ दिया और चीन की चिंताओं को दूर करने के लिए उसकी कई मांगों पर सहमति व्यक्त की।

चीन-पाकिस्तान की दोस्ती में आई दरार!

‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ अखबार ने CPEC की 11वीं संयुक्त सहयोग समिति (JCC) की बैठक के विवरण के हवाले से यह खबर जारी की। JCC, CPEC की रणनीतिक निर्णायक इकाई है और इसकी 11वीं बैठक पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज)-नीत सरकार के जोर देने पर पिछले साल 27 अक्टूबर को वर्चुअल तरीके से हुई थी। हालांकि, बैठक के बिंदुबार विवरण पर करीब एक साल बाद 31 जुलाई को चीन के उपप्रधानमंत्री हे लिफेंग की यात्रा के दौरान हस्ताक्षर किये गये।

चीन ने पीछे खींचा कदम

खबर के अनुसार, इससे दोनों पक्षों में मतभेद सामने आ गया है, जिसकी वजह से सहमति बनने में बहुत देरी हुई है। पाकिस्तान के योजना मंत्रालय ने कहा कि दोनों देशों के बीच बैठकों के ब्योरे पर विचार-विमर्श करके और आम-सहमति बनाकर ही हस्ताक्षर करने की वैश्विक परिपाटी है।

खबर के अनुसार, बीजिंग ने पाकिस्तान के साथ जो अंतिम मसौदा साझा किया और दोनों पक्षों ने बैठक के जिस अंतिम बिंदुवार विवरण पर हस्ताक्षर किये हैं, उनमें अंतर हैं। इसमें कहा गया है कि सीपीईसी के तहत ऊर्जा, जल प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन के क्षेत्रों में सहयोग और बढ़ाने पर चीन की असहमति दोनों पक्षों के सामने आर्थिक संबंधों को गहरा करने में आ रहीं चुनौतियों को रेखांकित करती है।

Advertisement
First Published - September 26, 2023 | 8:41 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement