चीन में लोगों ने मई के दौरान खरीदारी पर कम खर्च किया। इसकी वजह से देश की रिटेल बिक्री यानी दुकानों और बाजारों में होने वाली बिक्री 0.6 प्रतिशत घट गई। दिसंबर 2022 के बाद यह पहली बार है जब रिटेल बिक्री में गिरावट दर्ज की गई है। अप्रैल में बिक्री 0.2 प्रतिशत बढ़ी थी।
मई में सबसे ज्यादा असर ऑटोमोबाइल सेक्टर पर दिखा। कारों की बिक्री 16.1 प्रतिशत गिर गई। इसके अलावा घरेलू उपकरण और इलेक्ट्रॉनिक सामान की बिक्री 15.6 प्रतिशत, निर्माण सामग्री की बिक्री 13.6 प्रतिशत, सोने-चांदी के आभूषणों की बिक्री 8.9 प्रतिशत और फर्नीचर की बिक्री 8.7 प्रतिशत घट गई।
केडिया एडवाइजरी की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में उपभोक्ता अभी भी खर्च करने को लेकर सतर्क हैं। प्रॉपर्टी सेक्टर की कमजोरी और रोजगार को लेकर चिंता की वजह से लोग बड़ी खरीदारी टाल रहे हैं।
हालांकि सभी सेक्टरों में कमजोरी नहीं रही। पेय पदार्थों की बिक्री 6.1 प्रतिशत बढ़ी। तंबाकू और शराब की बिक्री 4.8 प्रतिशत, दवाओं की बिक्री 4 प्रतिशत, कपड़ों की बिक्री 3.8 प्रतिशत और कॉस्मेटिक उत्पादों की बिक्री 2.5 प्रतिशत बढ़ी।
चीन की शहरी बेरोजगारी दर अप्रैल के 5.2 प्रतिशत से घटकर मई में 5.1 प्रतिशत रह गई। यह दिसंबर 2025 के बाद सबसे निचला स्तर है। जनवरी से मई के दौरान कुल रिटेल बिक्री में 1.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
जहां एक तरफ लोगों की खरीदारी कमजोर रही, वहीं दूसरी तरफ फैक्ट्रियों का उत्पादन उम्मीद से बेहतर रहा। मई में चीन का औद्योगिक उत्पादन 4.5 प्रतिशत बढ़ा। बाजार को 4.3 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद थी। अप्रैल में यह आंकड़ा 4.1 प्रतिशत था।
मई में विनिर्माण यानी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की वृद्धि बढ़कर 4.4 प्रतिशत हो गई। वहीं बिजली, गैस, पानी और हीट सप्लाई से जुड़े क्षेत्र में 7.6 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि खनन क्षेत्र की वृद्धि घटकर 2.3 प्रतिशत रह गई।
कंप्यूटर और कम्युनिकेशन उपकरणों का उत्पादन 17 प्रतिशत बढ़ा। ऑटोमोबाइल उत्पादन 8.3 प्रतिशत बढ़ा। विशेष मशीनरी का उत्पादन 9.1 प्रतिशत और रेलवे व जहाज निर्माण क्षेत्र का उत्पादन 7.4 प्रतिशत बढ़ा।
केडिया एडवाइजरी की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की अर्थव्यवस्था में इस समय दो अलग-अलग तस्वीरें दिखाई दे रही हैं। एक तरफ फैक्ट्रियां और निर्यात आधारित उद्योग मजबूत बने हुए हैं, जबकि दूसरी तरफ घरेलू मांग और उपभोक्ता खर्च अभी भी दबाव में है।
मई के आंकड़े बताते हैं कि चीन में उत्पादन बढ़ रहा है, लेकिन लोग अभी भी खुलकर खर्च नहीं कर रहे हैं। ऐसे में आने वाले महीनों में चीन सरकार पर उपभोक्ता मांग बढ़ाने के लिए नए प्रोत्साहन कदम उठाने का दबाव बढ़ सकता है।