facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

थाइलैंड में चुनाव जारी, प्रधानमंत्री प्रयुथ का मुकाबला शिनावात्रा की बेटी से

Advertisement
Last Updated- May 14, 2023 | 8:45 AM IST
Thailand election

थाइलैंड में आम चुनाव के लिए रविवार को मतदान शुरू हो गया। इस चुनाव को निवर्तमान प्रधानमंत्री प्रयुथ चान-ओचा के 2014 में तख्तापलट से सत्ता में आने के आठ साल बाद बदलाव के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बताया जा रहा है।

प्रधानमंत्री प्रयुथ लोकप्रिय अरबपति थाकसिन शिनावात्रा की बेटी पेतोंगतार्न शिनावात्रा के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। सेना ने 2006 में तख्तापलट कर थाकसिन शिनावात्रा को सत्ता से बेदखल कर दिया था। उनकी रिश्तेदार यिंगलुक शिनावात्रा 2011 में प्रधानमंत्री बनी थीं लेकिन प्रयुथ की अगुवाई में तख्तापलट कर उन्हें सत्ता से हटा दिया गया था।

पेतोंगतार्न शिनावात्रा की अगुवाई वाले विपक्षी दल फेयु थाई पार्टी का 500 सदस्यीय निचले सदन में सर्वाधिक सीट जीतने का अनुमान है, लेकिन अगली सरकार का नेतृत्व कौन करेगा, यह महज रविवार के मतदान से ही तय नहीं होगा।

प्रधानमंत्री का चयन निचले सदन और 250 सदस्यीय सीनेट के संयुक्त सत्र में जुलाई में किया जाएगा। विजेता उम्मीदवार के पास कम से कम 376 वोट होने चाहिए और किसी भी दल के अपने दम पर यह आंकड़ा छूने के आसार नहीं हैं।

फेयु थाई ने 2019 के चुनाव में सबसे अधिक सीट जीती थी लेकिन उसके चिर प्रतिद्वंद्वी सेना समर्थित पलांग प्रचारथ पार्टी ने प्रयुथ के साथ गठबंधन कर लिया था। प्रयुथ दोबारा चुनाव लड़ रहे हैं। हालांकि, इस बार सेना का समर्थन दो धड़ों में विभाजित है। प्रधानमंत्री प्रयुथ पर लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था, महामारी से निपटने में कमियों और लोकतांत्रिक सुधारों को विफल करने का आरोप है।

विस्कॉन्सिन विश्वविद्यालय में थाई अध्ययन के विशेषज्ञ टायरेल हेबरकोर्न ने कहा, ‘‘युवा मतदाताओं में वृद्धि और सैन्य शासन से हुए नुकसान को लेकर आम जागरूकता इस चुनाव के नतीजे तय करने में अहम साबित हो सकते हैं।’’

Advertisement
First Published - May 14, 2023 | 8:45 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement