facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

अरब देशों की BRICS में एंट्री, जानिए किन 5 देशों को मिली सदस्यता

Advertisement

रूस के ब्रिक्स की अध्यक्षता संभालते ही राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को कहा कि यह समूह अब 10 देशों का संगठन बन गया है।

Last Updated- January 02, 2024 | 7:26 PM IST
BRICS

भारत, रूस और चीन सहित शीर्ष उभरती अर्थव्यवस्थाओं वाले ब्रिक्स समूह ने वैश्विक मामलों में पश्चिमी प्रभुत्व की पृष्ठभूमि में अपनी रणनीतिक शक्ति बढ़ाने के प्रयास के तहत इसमें पांच पूर्ण सदस्यों को शामिल करने की घोषणा की है।

रूस के ब्रिक्स की अध्यक्षता संभालते ही राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को कहा कि यह समूह अब 10 देशों का संगठन बन गया है, जिसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात नए सदस्य के रूप में शामिल हो गए हैं।

अगस्त में, जोहानिसबर्ग में समूह के शिखर सम्मेलन में शीर्ष ब्रिक्स नेताओं ने एक जनवरी से अर्जेंटीना सहित छह देशों को इस समूह में शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। हालांकि, अर्जेंटीना के नए राष्ट्रपति जेवियर माइली ने पिछले हफ्ते अपने देश को ब्रिक्स (ब्राजील-रूस-भारत-चीन-दक्षिण अफ्रीका) का सदस्य बनने का प्रस्ताव वापस लेने की घोषणा की।

पुतिन ने एक संबोधन में कहा, “मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात नए पूर्ण सदस्यों के रूप में ब्रिक्स में शामिल हुए, जो संगठन के बढ़ते प्रभाव और अंतरराष्ट्रीय मामलों में इसकी भूमिका का एक मजबूत संकेत है।”

रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि ब्रिक्स लगातार बढ़ती संख्या में समर्थकों और समान विचारधारा वाले देशों को आकर्षित कर रहा है जो संप्रभु समानता, खुलेपन, आम सहमति, बहुध्रुवीय अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था बनाने की आकांक्षा और एक निष्पक्ष वैश्विक वित्तीय एवं व्यापार प्रणाली जैसे इसके अंतर्निहित सिद्धांतों को साझा करते हैं।

इस समूह ने सितंबर 2006 में आकार लिया और इसमें मूल रूप से ब्राजील, रूस, भारत और चीन (ब्रिक) शामिल थे। सितंबर 2010 में दक्षिण अफ्रीका को पूर्ण सदस्य के रूप में स्वीकार किए जाने के बाद इसका नाम बदलकर ‘ब्रिक्स’ कर दिया गया।

ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के साथ ब्रिक्स वैश्विक अर्थव्यवस्था के एक चौथाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है और यह वर्षों से वैश्विक आर्थिक विकास का एक प्रमुख प्रेरक रहा है।
पुतिन ने कहा, “हम यह सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे कि परंपराओं को संरक्षित करते हुए और पिछले वर्षों में संगठन द्वारा प्राप्त अनुभव से निर्देशित होकर, हम इसकी गतिविधियों के सभी प्रारूपों में नए प्रतिभागियों के सामंजस्यपूर्ण एकीकरण की सुविधा प्रदान करें।”

उन्होंने कहा कि समूह की रूसी अध्यक्षता के तहत प्राथमिकताओं में विज्ञान, उच्च प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य देखभाल, पर्यावरण संरक्षण, संस्कृति और खेल में सहयोग को बढ़ावा देना शामिल होगा।

पुतिन ने कहा, ‘‘कुल मिलाकर, हमारी अध्यक्षता के तहत कई रूसी शहरों में विभिन्न स्तरों और प्रकारों के 200 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।” उन्होंने कहा, “हम अपने संगठन के साथ सहयोग करने में रुचि रखने वाले सभी देशों के प्रतिनिधियों को इसमें भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। अक्टूबर में कज़ान में हमारी अध्यक्षता के तहत ब्रिक्स शिखर सम्मेलन होगा।”

Advertisement
First Published - January 2, 2024 | 7:26 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement