अमेरिका में एक बड़ा साइबर हमला सामने आया है। ईरान समर्थक बताए जा रहे एक हैकिंग समूह ने एफबीआई निदेशक काश पटेल के निजी ईमेल अकाउंट में सेंध लगाने का दावा किया है। इस समूह ने कुछ ईमेल और जानकारी को ऑनलाइन भी साझा किया है।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, लीक हुए ईमेल में यात्रा से जुड़ी जानकारी, वॉशिंगटन में लीजिंग एजेंट्स के साथ बातचीत और ग्लोबल एंट्री व लॉयल्टी अकाउंट नंबर जैसी निजी जानकारी शामिल बताई जा रही है। इस डेटा की समीक्षा करने पर यह जानकारी सामने आई है।
हैकर्स जिस ईमेल आईडी को हैक करने का दावा कर रहे हैं, वह पहले भी पटेल की निजी जानकारी से जुड़ी बताई जाती रही है। लीक हुए ईमेल में काश पटेल की तस्वीरें भी शामिल हैं, साथ ही परिवार के सदस्यों और सहयोगियों के साथ की गई बातचीत भी मौजूद है।
एफबीआई ने इस मामले पर बयान जारी करते हुए कहा है कि एजेंसी को निदेशक पटेल के निजी ईमेल को निशाना बनाए जाने की जानकारी है। एफबीआई के अनुसार, यह जानकारी पुरानी है और इसमें किसी भी सरकारी जानकारी से जुड़ा कोई मामला नहीं है।
अमेरिका और इजरायल के ईरान के साथ जारी संघर्ष के बीच साइबर हमलों की एक और बड़ी घटना सामने आई है। इस बार निशाना पटेल के ईमेल बने हैं।
पटेल के ईमेल हैक करने की जिम्मेदारी हैंडाला नाम के हैकर समूह ने ली है। अमेरिका के न्याय विभाग के अनुसार यह समूह ईरान के खुफिया मंत्रालय से जुड़ा हुआ है। एफबीआई ने पिछले हफ्ते हैंडाला की वेबसाइट को बंद कर दिया था। इससे पहले इसी समूह ने अमेरिकी मेडिकल टेक्नोलॉजी कंपनी स्ट्राइकर कॉर्प पर साइबर हमला किया था, जिससे कंपनी का कामकाज प्रभावित हुआ था। हैंडाला ने दावा किया था कि यह हमला ईरान के एक स्कूल पर अमेरिका की कथित बमबारी के जवाब में किया गया।
अमेरिकी विदेश विभाग के रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस कार्यक्रम ने हैंडाला हैक टीम की पहचान बताने वालों के लिए 1 करोड़ डॉलर तक के इनाम की घोषणा की है। हैकर्स ने शुक्रवार को इस इनाम का जिक्र करते हुए एक फाइल जारी की, जिसमें उन्होंने पटेल के 320 से ज्यादा निजी ईमेल होने का दावा किया है।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ गिल मेसिंग का कहना है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों को निशाना बनाकर उन्हें शर्मिंदा करना इस तरह के हमलों की पुरानी रणनीति रही है, जिसे पहले इजरायल में भी देखा गया है।
हैकर्स द्वारा जारी फाइलों में 2010 से 2022 तक के सैकड़ों ईमेल शामिल हैं। इस दौरान पटेल ने पब्लिक डिफेंडर, फेडरल प्रॉसीक्यूटर और काउंटर टेररिज्म, इंटेलिजेंस और डिफेंस से जुड़े अहम पदों पर काम किया था।
इन ईमेल में 2012 में कनाडा और हवाना की यात्राओं, 2013 में भारत में टैक्स छूट वाले बैंक खाते खोलने की कोशिश और 2019 में नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल में रहते हुए बिजनेस क्लास फ्लाइट के खर्च जैसे कई विवरण शामिल हैं।
एफबीआई ने इन ईमेल से जुड़े सवालों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। वहीं, माइकल मुलडून की ओर से भी इस मामले में तुरंत कोई जवाब नहीं आया है।