facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

आपराधिक जांच की खबरों के बीच फेड चेयर पॉवेल का बयान- कानून से ऊपर कोई नहीं

Advertisement

फेडरल रिज़र्व के अध्यक्ष जेरोम पावेल पर ब्याज दरों को लेकर राजनीतिक दबाव न मानने के कारण आपराधिक जांच शुरू।

Last Updated- January 12, 2026 | 8:20 AM IST
Fed Chair Jerome Powell
Federal Reserve Chair Jerome H. Powell

अमेरिका में फेडरल रिजर्व के कामकाज को लेकर नया विवाद सामने आया है। रविवार शाम को फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष Jerome H. Powell ने खुद पुष्टि की कि उन पर फेडरल प्रॉस्पिक्यूटर (अमेरिकी अभियोजक) की तरफ से आपराधिक जांच शुरू कर दी गई है।

पावेल ने कहा कि यह जांच इस वजह से शुरू हुई है कि फेड ने ब्याज दरों को राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की प्राथमिकताओं के बजाय जनता के हित में तय किया। उन्होंने कहा, “यह मामला इस बात से जुड़ा है कि फेड आगे भी आर्थिक आंकड़ों और परिस्थितियों के आधार पर ब्याज दरें तय कर पाएगा या फिर मौद्रिक नीति राजनीतिक दबाव या डर के कारण प्रभावित होगी।”

फेड के X अकाउंट पर ट्वीट किए गए वीडियो बयान में पावेल ने बताया कि पिछले शुक्रवार को न्याय विभाग ने फेडरल रिजर्व को ग्रैंड जूरी समन भेजा, जिसमें पिछले साल जून में सीनेट बैंकिंग समिति में उनकी गवाही से जुड़ी आपराधिक मुकदमे की धमकी दी गई।

CNBC को मिली जानकारी के मुताबिक, पावेल पर शुरू हुई जांच उनकी गवाही और फेड की इमारतों के नवीनीकरण परियोजना से जुड़ी हो सकती है।

न्यू यॉर्क टाइम्स ने सबसे पहले इस जांच की जानकारी दी थी, जिसमें अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि यह मामला वाशिंगटन डी.सी. के अमेरिकी अभियोजक कार्यालय के देखरेख में चल रहा है। इस कार्यालय की जिम्मेदारी यू.एस. अटॉर्नी जीनाइन पिरो संभालती हैं, जो पहले न्यूयॉर्क की राज्य अभियोजक और फॉक्स न्यूज की होस्ट रह चुकी हैं और ट्रंप द्वारा नियुक्त की गई थीं।

पॉवेल ने यह भी बताया कि वे अब तक चार अलग-अलग प्रशासनों (रिपब्लिकन और डेमोक्रेट) में सेवा दे चुके हैं और हमेशा किसी राजनीतिक दबाव के बिना फेड की नीति पर काम किया।

ट्रंप ने पॉवेल पर बार-बार आरोप लगाया था कि फेड उनके कहे अनुसार ब्याज दरों में कटौती पर्याप्त और तेजी से नहीं कर रहा। व्हाइट हाउस ने इस जांच के बारे में सभी सवालों का जवाब न्याय विभाग (DOJ) को सौंप दिया है।

पॉवेल ने अपने बयान में कहा कि सार्वजनिक सेवा का मतलब है सही फैसलों पर डटे रहना, और वे सीनेट द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी को ईमानदारी और जनता के हित में निभाते रहेंगे।

जांच और DOJ की भूमिका:

जांच वाशिंगटन डी.सी. के अमेरिकी अभियोजक कार्यालय के देखरेख में चल रही है। DOJ प्रवक्ता ने कहा कि अटॉर्नी जनरल ने अपने अमेरिकी अभियोजकों को निर्देश दिया है कि वे करदाता के पैसे के संभावित दुरुपयोग के मामलों की प्राथमिकता दें। व्हाइट हाउस ने इस मामले पर सभी सवालों का जवाब DOJ को सौंप दिया।

फेड इमारतों का नवीनीकरण:

ट्रम्प प्रशासन ने पिछले साल गर्मियों में फेड की दो ऐतिहासिक इमारतों के नवीनीकरण और लागत बढ़ने को लेकर कड़ी निगरानी शुरू की थी। फेड के बजट दस्तावेजों के अनुसार परियोजना की लागत 2023 में 1.9 बिलियन डॉलर से बढ़कर 2025 में 2.5 बिलियन डॉलर हो गई थी।

पावेल ने जून में सीनेट में गवाही के दौरान कहा कि मीडिया रिपोर्ट और कुछ प्रशासनिक आलोचनाएं गलत हैं, और परियोजना में कोई अत्यधिक भव्य डिजाइन जैसे VIP डाइनिंग रूम या छत पर गार्डन शामिल नहीं हैं। उन्होंने बताया कि परियोजना की योजनाएं समय के साथ बदलती रही हैं और कुछ फीचर्स अब योजनाओं में नहीं हैं।

फेड के आलोचक और प्रशासनिक अधिकारी, जैसे बिल पुल्टे और अन्ना पॉलिना लूना, ने DOJ से पावेल के खिलाफ जांच करने का अनुरोध किया था। हालांकि ट्रंप ने परियोजना का दौरा किया और संकेत दिया कि यह परियोजना पावेल को हटाने का कारण नहीं बन सकती।

क़ानून के तहत, राष्ट्रपति केवल “कारण” (जैसे अक्षमता, कदाचार या कर्तव्य की उपेक्षा) होने पर ही फेड के बोर्ड के सदस्य को हटा सकते हैं।

मार्क स्पिंडल ने कहा, “यह पूरी तरह ट्रंपियन प्रतिशोध जैसा लगता है। अगर पावेल बोर्ड में बने रहते हैं, तो ट्रंप की बहुमत योजना प्रभावित हो सकती है।”

Advertisement
First Published - January 12, 2026 | 8:06 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement