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फेडरल रिजर्व ने महंगाई के दबाव के बीच दरों में नहीं किया बदलाव, 2026 में एक कटौती का संकेत दिया

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अमेरिकी केंद्रीय बैंक के नए अनुमान के अनुसार, साल के अंत तक मुख्य ब्याज दर में केवल 0.25 प्रतिशत की कमी हो सकती है।

Last Updated- March 19, 2026 | 9:35 AM IST
US Federal Reserve rate cut

US Federal Reserve ने बुधवार को ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया। रिजर्व ने दो दिवसीय नीति बैठक के अंत में अपनी प्रमुख नीति दर को 3.5–3.75% पर स्थिर रखा। साथ ही यह अनुमान लगाया कि महंगाई बढ़ी हुई रह सकती है जबकि बेरोजगारी स्थिर रहेगी। केंद्रीय बैंक ने इस साल केवल एक बार ब्याज दरों में कटौती का भी संकेत दिया है। अधिकारियों ने अमेरिका और इज़राइल के ईरान के साथ चल रहे युद्ध से जुड़े आर्थिक जोखिमों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया।

अमेरिकी केंद्रीय बैंक के नए अनुमान के अनुसार, साल के अंत तक मुख्य ब्याज दर में केवल 0.25 प्रतिशत की कमी हो सकती है। हालांकि, यह कमी कब होगी, इसके बारे में कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया गया। यह अनुमान पहले जैसा ही है और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की ज्यादा बड़ी दर कटौती की मांग से अलग है।

फैसले के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट थोड़ी कम हुई। एस एंड पी 500 करीब 0.6 प्रतिशत नीचे रहा और नैस्डैक कंपोजिट करीब 0.5 प्रतिशत नीचे रहा। अमेरिकी मुद्रा की बढ़त भी थोड़ी कम हुई। डॉलर इंडेक्स लगभग 0.27 प्रतिशत ऊपर रहा। वहीं 10 साल की सरकारी बांड की दर लगभग 4.214 प्रतिशत तक पहुंची।

Federal Reserve का महंगाई अनुमान में इजाफा

महंगाई, जिसे फेड अपने खास तरीके से मापता है, साल के अंत तक लगभग 2.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह पहले के 2.4 प्रतिशत के अनुमान से ज्यादा है। इसकी एक वजह ईरान पर हमले शुरू होने के बाद दुनिया भर में तेल की कीमतों में आई तेजी भी मानी जा रही है।

फेड ने कहा कि मिडिल ईस्ट की घटनाओं का अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर क्या असर होगा, यह अभी साफ नहीं है। साथ ही यह भी बताया गया कि बेरोजगारी फिलहाल स्थिर बनी हुई है। बैठक के बाद प्रेस कॉनफेरेन्स में फेड प्रमुख जेरोम पॉवेल ने कहा कि युद्ध की वजह से भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

उन्होंने कहा कि अभी के समय में ऊर्जा की कीमतें बढ़ने से महंगाई बढ़ेगी, लेकिन इसका असर कितना होगा और कितने समय तक रहेगा, यह अभी कहना मुश्किल है। उन्होंने यह भी कहा कि आगे आने वाले आंकड़ों, बदलती स्थिति और जोखिमों को देखकर ही ब्याज दरों में बदलाव का फैसला किया जाएगा।

नए अनुमान बताते हैं कि फिलहाल फेड तेल की कीमतों में आई तेजी को ज्यादा अहम नहीं मान रहा है और इस साल दरों में कमी की उम्मीद बनाए हुए है। साथ ही यह भी अनुमान है कि 2027 के अंत तक महंगाई करीब 2.2 प्रतिशत तक आ सकती है, जो केंद्रीय बैंक के 2 प्रतिशत लक्ष्य के करीब है।

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First Published - March 19, 2026 | 9:16 AM IST

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