facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

G7 meet : भारत ने जलवायु परिवर्तन को संबोधित करने की आवश्यकता पर बल दिया

Advertisement
Last Updated- April 16, 2023 | 4:24 PM IST
Bhupendra Yadav

जापान के सापोरो में जलवायु, ऊर्जा और पर्यावरण के मुद्दे पर जी-7 मंत्रियों की बैठक में भारत ने रविवार को कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि पर्यावरणीय कार्रवाई के साथ मिलकर समग्र रूप से जलवायु परिवर्तन से संबंधित मुद्दों का समाधान किया जाये।

बैठक के समापन सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने मिशन ‘लाइफ’ के माध्यम से व्यक्तिगत और सामुदायिक कार्रवाई को प्रोत्साहित करने के प्रयासों सहित पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक कार्रवाई पर भारत द्वारा बल दिए जाने को रेखांकित किया।

उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत और सामुदायिक व्यवहार बदलने से पर्यावरण और जलवायु संकट के प्रभावों को कम करने पर सार्थक प्रभाव पड़ सकता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल ‘मिशन लाइफ’ (पर्यावरण के लिए जीवनशैली) की शुरुआत की थी, जो संसाधनों के ‘‘सचेत और विवेकपूर्ण उपयोग’’ पर केंद्रित व्यवहार परिवर्तन को प्रेरित करने के लिए वैश्विक जनांदोलन का आह्वान करता है।

यादव ने कहा, ‘‘पारिस्थितिक तंत्र के संरक्षण और पुनर्स्थापन से हमें जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने और इससे निपटने में मदद मिल सकती है। इसलिए, यह महत्वपूर्ण है कि हम समग्र रूप से पर्यावरणीय कार्रवाई के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन से संबंधित मुद्दों का समाधान करें।’’ मंत्री ने कहा, ‘‘जलवायु परिवर्तन, मरुस्थलीकरण और जैव विविधता की क्षति आपस में गहराई से जुड़े हुए मुद्दे हैं, जो मनुष्यों के समक्ष अस्तित्व की चुनौतियां पैदा करते हैं।’’

Advertisement
First Published - April 16, 2023 | 4:24 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement