facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

ट्रंप प्रशासन की कड़ी जांच के बीच गूगल कर्मचारियों को मिली यात्रा चेतावनी

Advertisement

गूगल ने अमेरिका वीजा धारक कर्मचारियों को वीजा देरी के चलते अंतरराष्ट्रीय यात्रा से बचने की सलाह दी।

Last Updated- December 20, 2025 | 3:35 PM IST
Google
Representative Image

गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट ने अमेरिका में काम कर रहे कुछ कर्मचारियों को अंतरराष्ट्रीय यात्रा से बचने की सलाह दी है। ये सलाह खासतौर पर उन कर्मचारियों के लिए है जो अमेरिकी वीजा पर काम कर रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, गूगल की ओर से भेजे गए एक आंतरिक ईमेल में बताया गया है कि अमेरिका के कई दूतावासों और काउंसलेट में वीजा अपॉइंटमेंट मिलने में काफी देरी हो रही है। ऐसे में अगर कोई कर्मचारी विदेश यात्रा करता है और उसे दोबारा अमेरिका लौटने के लिए वीजा स्टैंप की जरूरत पड़ती है, तो उसे लंबे समय तक अमेरिका के बाहर रुकना पड़ सकता है।

Also Read: भारत और EU पर अमेरिका की नाराजगी, 2026 तक लटक सकता है ट्रेड डील का मामला

ईमेल में यह भी कहा गया है कि कुछ जगहों पर वीजा प्रक्रिया में 12 महीने तक का समय लग सकता है। इसी वजह से कर्मचारियों को फिलहाल विदेश यात्रा न करने की चेतावनी दी गई है।

इस बीच, अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में H-1B वीजा आवेदकों की जांच प्रक्रिया को और सख्त कर दिया है। इसमें सोशल मीडिया अकाउंट की जांच भी शामिल है। H-1B वीजा का इस्तेमाल बड़ी संख्या में टेक कंपनियां करती हैं, खासकर भारत और चीन से कुशल कर्मचारियों को नियुक्त करने के लिए।

इसके अलावा, इस साल H-1B वीजा के नए आवेदनों पर 1 लाख डॉलर की फीस लगाए जाने के बाद यह कार्यक्रम फिर से चर्चा में आ गया है।

गौरतलब है कि इससे पहले सितंबर महीने में भी अल्फाबेट ने अपने कर्मचारियों, खासकर H-1B वीजा धारकों को, अमेरिका के बाहर यात्रा न करने की सलाह दी थी।

Advertisement
First Published - December 20, 2025 | 3:35 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement