facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

इज़राइल के PM नेतन्याहू के खिलाफ रिश्वतखोरी के मामले में मंगलवार से फिर सुनवाई

Advertisement

नेतन्याहू को अदालत में उपस्थित होने से छूट दी गई है, लेकिन उन्हें कुछ महीनों में गवाही देने के लिए अदालत में पेश होना पड़ सकता है।

Last Updated- December 04, 2023 | 7:19 PM IST
इजराइल ने गाजा में सहायता कर्मियों पर ड्रोन हमलों को लेकर दो अधिकारियों को बर्खास्त किया , Israel fires two officials over drone attacks on aid workers in Gaza

इज़राइल-हमास युद्ध के कारण दो महीने के अंतराल के बाद यहां की एक जिला अदालत प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के भ्रष्टाचार के मामले की सुनवाई मंगलवार से फिर शुरू करेगी।

हमास की ओर से सात अक्टबूर को हमले शुरू किए जाने के बाद, इज़राइल गाज़ा पट्टी पर जबर्दस्त हमले कर रहा है। तथाकथित ‘केस 4000’ या ’बेज़ेक-वल्ला’ घूसखोरी मामले के तहत, नेतन्याहू ने ‘वल्ला’ वेबसाइट पर अपने पक्ष में मीडिया कवरेज के बदले कथित रूप से ऐसे नियामक कदम उठाए जिससे बेज़ेक टेलीकॉम्यूनिकेशन्स को आर्थिक लाभ हुआ।

‘वल्ला’ वेबसाइट का मालिकाना हक पहले बेज़ेक के पास था। यरुशलम जिला अदालत 74 वर्षीय नेतन्याहू के भ्रष्टाचार मामले पर मंगलवार को सुनवाई फिर से शुरू करेगी। जून में, मामले में तीन न्यायाधीशों ने सिफारिश की थी कि अभियोजन पक्ष रिश्वतखोरी का आरोप वापस ले ले।

मगर अभियोजन पक्ष ने आरोप वापस लेने से इनकार करते हुए मुकदमा जारी रखने का फैसला किया, जिसके बाद अदालत ने संबंधित लोगों की गवाही सुनी।

रिश्वतखोरी के मामले की पिछली सुनवाई 20 सितंबर को हुई थी जिसके बाद अदालत ने मुकदमे को छट्टियों के बाद के लिए स्थगित कर दिया था, लेकिन सात अक्टूबर को हमास के इज़राइल पर हमले और फिर शुरू हुई जंग के कारण मामले की सुनवाई स्थगित रही। इसके बाद अदालतें सिर्फ अति आवश्यक मामलों की सुनवाई कर रही थी और नेतन्याहू का मामला अति आवश्यक नहीं माना गया।

पिछले हफ्ते न्यायमूर्ति यारिव लेविन ने अदालतों का सामान्य संचालन फिर से शुरू करने की इजाज़त दे दी थी। नेतन्याहू को अदालत में उपस्थित होने से छूट दी गई है, लेकिन उन्हें कुछ महीनों में गवाही देने के लिए अदालत में पेश होना पड़ सकता है। प्रधानमंत्री के खिलाफ धोखाधड़ी और विश्वासघात के आरोपों में भी मामले दर्ज हैं।

Advertisement
First Published - December 4, 2023 | 7:19 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement