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भारत ने इजराइली बंधकों को रिहा किए जाने का स्वागत किया,शेष को बिना शर्त तत्काल रिहा करने की मांग

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‘‘ भारत का आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने का रुख है। हमारा यह भी मानना है कि अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का पालन करना सार्वभौमिक दायित्व है।’’

Last Updated- November 29, 2023 | 11:25 AM IST
Ruchira Kamboj

भारत ने फलस्तीन के चरमपंथी समूह हमास की ओर से इजराइली बंधकों को रिहा किए जाने का स्वागत किया है और शेष बंधकों को बिना शर्ष तत्काल रिहा किए जाने की मांग की। भारत ने कहा कि आतंकवाद और बंधक बनाने जैसे कृत्यों को उचित नहीं ठहराया जा सकता।

हमास ने इजराइल पर सात अक्टूबर को अप्रत्याशित हमला कर करीब 240 लोगों को बंधक बना लिया था, जिसके बाद इजराइल ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए गाजा पट्टी पर हमला किया। कतर, मिस्र और अमेरिका की मध्यस्थता से इजराइल और हमास के बीच पिछले सप्ताह युद्ध विराम पर सहमति बनी जिसके बाद दोनों पक्षों में संघर्ष विराम तथा रिहाई का सिलसिला जारी है ।

हमास ने अब तक इजराइल और अन्य देशों के 60 से अधिक बंधकों को रिहा किया है, बदले में इजराइल ने फलस्तीन के 150 लोगों को रिहा किया है। संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने मंगलवार को कहा, ‘‘हम आज यहां ऐसे वक्त में इकट्ठा हुए हैं जब इजराइल और हमास के बीच युद्ध के कारण बड़ी संख्या में लोगों के मारे जाने तथा मानवीय संकट बढ़ने से पश्चिम एशिया में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं।

यह स्पष्ट रूप से अस्वीकार्य है और हमने आम नागरिकों के मारे जाने की कड़ी निंदा की है।’’ कंबोज ने ‘पश्चिम एशिया में हालात तथा फलस्तीन का सवाल’ विषय पर संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में कहा कि इस मानवीय संकट से निपटने में सभी पक्षकारों को पूरी जिम्मेदारी दिखाने की सबसे ज्यादा जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘‘ हम इस बात से अवगत हैं कि फिलहाल का आक्रोश सात अक्टूबर को इजराइल पर हुए आतंकवादी हमले से शुरू हुआ। ये हमले स्तब्ध कर देने वाले थे और हमें इनकी स्पष्ट रूप से निंदा करनी चाहिए। आतंकवाद तथा बंधक बनाए जाने को किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराया जा सकता।’’ कंबोज ने कहा कि भारत बंधकों की रिहाई की खबर का स्वागत करता है और शेष बंधकों की बिना शर्त तथा तत्काल रिहाई की भी मांग करता है।

उन्होंने कहा, ‘‘ भारत का आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने का रुख है। हमारा यह भी मानना है कि अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का पालन करना सार्वभौमिक दायित्व है।’’ संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने बंधकों की रिहाई का स्वागत किया और सभी बंधकों की तत्काल एवं बिना शर्त रिहाई की मांग दोहराई। कंबोज ने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय समुदाय के उन सभी प्रयासों का स्वागत करता है जिससे तनाव कम होगा और फलस्तीन के लोगों को मानवीय सहायता मिलेगी।

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First Published - November 29, 2023 | 11:25 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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