facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

भारतीय-अमेरिकी कंप्यूटर इंजीनियर को टेक्सास के सर्वोच्च अकादमिक पुरस्कार से सम्मानित किया गया

Advertisement

यह पुरस्कार चिकित्सा, इंजीनियरिंग, जैव विज्ञान, भौतिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी नवाचार में अग्रणी कार्य करने वाले राज्य के प्रतिष्ठित शोधकर्ताओं को प्रतिवर्ष दिया जाता है।

Last Updated- February 26, 2024 | 9:25 AM IST
Ashok veeraraghavan, texas highest academic award
Photo Credit-Twitter

भारतीय मूल के जाने-माने कंप्यूटर इंजीनियर और प्रोफेसर अशोक वीरराघवन को इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए ‘एडिथ और पीटर ओ’डॉनेल’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, जो टेक्सास के सर्वोच्च शैक्षणिक पुरस्कारों में से एक है। राज्य के उभरते शोधकर्ताओं को यह पुरस्कार प्रदान करने वाली ‘टेक्सास एकेडमी ऑफ मेडिसिन, इंजीनियरिंग, साइंस एंड टेक्नोलॉजी’ (टीएएमईएसटी) ने कहा कि राइस यूनिवर्सिटी के जॉर्ज आर. ब्राउन स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग में ‘इलेक्ट्रिकल और कंप्यूटर इंजीनियरिंग’ के प्रोफेसर वीरराघवन को इसके लिए चुना गया था।

उन्हें अदृश्य को दृश्यमान बनाने का प्रयास करने वाली उनकी परिवर्तनकारी इमेजिंग प्रौद्योगिकी के लिए यह पुरस्कार दिया गया है। यह पुरस्कार चिकित्सा, इंजीनियरिंग, जैव विज्ञान, भौतिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी नवाचार में अग्रणी कार्य करने वाले राज्य के प्रतिष्ठित शोधकर्ताओं को प्रतिवर्ष दिया जाता है।

मूल रूप से चेन्नई के रहने वाले वीरराघवन ने यह पुरस्कार मिलने के बाद ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मैं यह पुरस्कार प्राप्त कर बहुत खुश हूं। यह उस अद्भुत और नवीन शोध का सम्मान है जो राइस यूनिवर्सिटी में कम्प्यूटेशनल इमेजिंग लैब में कई छात्रों, पोस्टडॉक (पीएचडी की डिग्री प्राप्त करने के बाद शोध करने वाले शोधकर्ता) और वैज्ञानिकों ने पिछले दशक किया है।’’

वीरराघवन अपने शोध के जरिए ऐसे इमेजिंग परिदृश्यों के लिए समाधान मुहैया कराने की कोशिश कर रहे हैं जब प्रकाश के बिखरने के कारण इमेजिंग प्रौद्योगिकी किसी व्यक्ति को देखने में असमर्थ होती है।

Advertisement
First Published - February 26, 2024 | 9:25 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement